
#किसानआंदोलन2018: MP में कहीं बेअसर तो कहीं दिखा गजब का असर!: Video
सीहोर। MP के किसानों ने प्रदेश भर में एक जून की सुबह से ही आंदोलन शुरू कर दिया है। जिसके चलते एक ओर जहां कई जिलों में लोगों का गांव से शहर में सामान लाना बंद हो गया, वहीं कई जिलों में इसका असर न के बराबर देखने को मिला है।
यहां रहा बेअसर...
- सीहोर जिले में किसान आंदोलन की हड़ताल का असर ज्यादा देखने को नहीं मिला। इस दौरान सब्जी मंडी में बड़ी मात्रा में पहुंची सब्जी। किसान संगठनों का बंद बेअसर होने के चलते यहां मंडी ने सामान्य कामकाज चलता रहा। वहीं बंद को देखते हुए चप्पे चप्पे पर पुलिस सतर्क दिखी।
- इसी तरह से रायसेन मंडी में आंदोलन का कोई असर देखने को नहीं मिला। यहां भी हमेशा की तरह सब्जी की आवक होती रही। साथ ही गांव से दूध विक्रेता भी दूध लेकर भी शहर पहुंचे।
यहां दिखा असर...
- जबकि सीहोर व रायसेन के ठीक विपरीत विदिशा जिले में बंद का असर साफ तौर पर देखने को मिला। यहां जगह जगह पर दूध विक्रेताओं दूध ले जाने से रोका गया, जिसके चलते वे शहर में दूध की सप्लाई नहीं कर सके।
- इसी तरह अशोक नगर में भी हड़ताल की वजह से बाहर से आने वाली सब्जी नहीं पहुंची। वहीं सब्जी मंडी, टमाटर आलू प्याज मिर्ची के दाम अचानक बढ़ गए। ऐसे में टमाटर जो कल तक ₹20 किलो बिक रहा था वह आज ₹40 किलो में बिका, जबकि मिर्ची सौ रुपए की जगह डेढ़ सौ रुपए किलो, प्याज ₹10 से ₹20 किलो व आलू ₹20 किलो की जगह 30 किलो के रेट पर जा पहुंचे।
कुल मिलाकर भले ही मध्यप्रदेश के कई जिलों में बंद का असर देखने को मिला, लेकिन स्थिति तनावपूर्ण होने पर भी नियंत्रण में बनी रही। वहीं महाराष्ट्र और पंजाब में तो हजारों लीटर दूध और सब्जियां सड़कों पर फैंकने के समाचार आ रहे हैं। इसके साथ ही किसानों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।
सरकार को दी चेतावनी...
किसानों के आंदोलन को लेकर किसान नेता शिव कुमार शर्मा ने सरकार को चेताते हुए कहा है कि आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से हो रहा है। फिर भी सरकार अकारण परेशान करेगी तो आंदोलन उग्र हो सकता है। उनका कहना है कि किसान गांव में है, शहर नहीं आ रहे।
उन्होंने कहा कि सरकार यदि वास्तव में किसानों के मामले में गंभीर है तो किसानों की मांगों के संबंध में आदेश जारी करें।
ये भी बोले...
किसान नेता शिव कुमार शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसान आंदोलन के पहले दिन किसानों की बात रखते हुए ये कहा...
- उन्होंने कहा यदि मैं जेल जाता हूं तो आंदोलन को हरियाणा वाले हमारे नेता गुरुनाम जी सम्भालेंगे।
- अगर माने नही मानी तो 11 जून को समीक्षा बैठक होगी उसमें आगे की रूप रेखा तय करेंगे।
- 6 लाख गांव पूरी तरह बंद रहेंगे। ये किसान आंदोलन है किसी संगठन या व्यक्ति विशेष का आंदोलन नही है।
- उन्होंने कहा कि हम सरकार से कोई बात नही करेंगे सरकार बात करने लायक नहीं है। सरकार सीधे हमारी मांगों का आदेश जारी करे।
- दो दिन सब्जी नहीं मिलेगी तो चलेगा।
Published on:
01 Jun 2018 02:41 pm
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