1 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

20 रुपए के लिए में पत्थरों से हमलाकर उतार दिया था मौत के घाट

पुलिस ने अंधे कत्ल के मामले में तीन आरोपी को किया गिरफ्तार

2 min read
Google source verification
Crime

Crime

सीहोर/इछावर। एक सप्ताह पहले जंगल में क्षत-विक्षत अवस्था में मिले शव के मामले में पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई है। ग्रामीण की हत्या उसी के तीन साथियों ने रुपए के विवाद को लेकर शराब के नशे में पत्थरों से हमलाकर कर दी थी। पुलिस ने मामले के तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार नादान के जंगल से 14 अप्रैल को पुलिस ने क्षत-विक्षत हालत में शव बरामद किया था। जिसकी शिनाख्त जिरमल (४५) पुत्र रुपसिंह निवासी धाईखेड़ा के रूप में की गई थी। एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने बताया कि मृतक जिरमल पुत्र रुपसिंह बारेला को उसी के साथी मेहरबान पुत्र सुखदेव निवासी कोलूखेड़ी, सुनील पुत्र लच्छासिंह निवासी गुराड़ी एवं एक अन्य नाबालिग निवासी कोलूखेड़ी ने शराब के नशे में पत्थरों से हमलाकर मार डाला था।

पुलिस ने बताया कि यह सभी मृतक जिरमल की पुत्री मनीषा की जेठानी के नुकते में शामिल होने बाइक से ग्राम दुर्गा नायक के लिए रवाना हुए थे। रास्ते में पैसे को लेकर विवाद हुआ और पत्थरबाजी शुरु हो गई। जिसमें जिरमल की मौके पर ही मौत हो गई।

आरोपियों द्वारा साक्ष्य छिपाने के भी भरपूर प्रयास किए गए। पुलिस ने मृतक के साथ आखिरी बार देखे गए तीनों लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वह पहले मुकर गए, लेकिन जब पुलिस ने सख्ती बरती तो तीनों टूट गए। उन्होंंने जीरमल की हत्या करने का अपराध पुलिस के सामने स्वीकार कर लिया।

मामले का खुलासा करते हुए एसपी ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन चारों ने एक जगह रुककर शराब भी पी थी। शराब खरीदने के लिए आरोपियों ने जीरमल से 20 रुपए मांगे थे, लेकिन उसने रुपए देने से मना कर दिया था। इससे तीनों युवक उससे नाराज हो गए थे।

शराब पीने के बाद चारों फिर आगे चल दिए। रास्ते में उन्होंने जीरमल को रोककर उसके साथ फिर झगड़ा शुरू कर दिया और उस पर पत्थरों से ताबड़तोड़ वार करते हुए मौत के घाट उतार दिया। हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने घटनास्थल से साक्ष्य छुपाने का प्रयास भी किया, लेकिन मामले को सुलझाने में जुटी पुलिस ने आखिरकार उन्हें दबोचने में सफलता हासिल कर ही ली।

हत्याकांड का पटाक्षेप करने वाली इछावर पुलिस को कप्तान सिद्वार्थ बहुगुणा ने दस हजार रुपए का पुरस्कार देने की घोषणा की है।


मृतक के पुत्र ने कहा उसका पिता नहीं करते थे नशा
दूसरी तरफ मृतक के पुत्र रमेश का कहना है कि मेरे पिता कोई नशा करते ही नहीं थे। हमारे पास मात्र डेढ़ एकड़ असिंचित जमीन है। हम ग्राम गुराड़ी के किसान के खेत पर हालीगिरी करते हैं।

Story Loader