
छात्रा पर चाकुओं ने आठ बार किया था प्रहार, कोर्ट ने सुनाई पांच साल की सजा
सीहोर। शादी का प्रस्ताव नामंजूदर कर दिए जाने से नाराज एक युवक ने छात्रा पर चाकुओं से आठ बार हमला कर लगभग मौत के मुहं में पहुंचा दिया था। मेजर ऑपरेशन के बाद छात्रा की जान बच सकी थी। बहुचर्चित इस मामले में सत्र न्यायाधीश रिषभ कुमार सिंघई ने आरोपी युवक को पांच साल के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।
जिला लोक अभियोजक ओमप्रकाश मिश्रा ने पैरवी करते हुए बताया कि इछावर थाने के ग्राम वीरपुरा निवासी 18 वर्षीय छात्रा अवंता पुत्री काहरसिंह वारेला भोपाल में शांतिनगर स्थित प्रकाश विद्यालय में कक्षा बारहवीं का पढ़ती है। परीक्षा के उपरांत अपने घर आई हुई थी कि 13 मई 2017 को अपने माता पिता के काम में हाथ बंटाते हुए नदी पर मवेशियों को पानी पिलाने गई थी बताया जाता है कि इसी दौरान गांव का ही 19 वर्षीय युवक अंतिम गौंड पिता रामसिंह गौंड आ पहुंचा और छात्र के सामने शादी का प्रस्ताव रख दिया। जिस पर छात्रा के इंकार करने पर आरोपी युवक ने नाराज होकर चाकुओं से छात्रा पर हमला कर दिया। छात्रा अवंता वारेला पर युवक के आठ प्रहार किए। गर्दन, सीने आदि जगह पर किए गए प्रहार से लहुलूहान अवस्था में ही उसे भोपाल रेफर किया गया, जहां पर डॉक्टरों ने मेजर आपरेशन कर उसे बचाया।
डॉक्टरों का कहना था कि सीने पर किए गए चाकू के प्रहार से उसके फेफड़े के समीप की नली फट गई थी। लेफ्ट साइड से नली डालकर उसका उपचार किया गया यदि यह आपरेशन सफल नहीं होता तो छात्रा की जान भी जा सकती थी। पुलिस ने भादवि की धारा 307 के अंर्तगत अपराधिक प्रकरण कायम कर अदालत में पेश किया। सत्र न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी युवक अंतिम गौंड पर पांच साल के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपए का अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
Published on:
6 Jul 2018, 12:11 PM IST
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