
school teachers poor position in mp
सीहोर। जल्द ही शुरू होने वाले नए शिक्षा सत्र में पढ़ाई करने आने वाले बच्चों को स्कूल का बदला हुआ स्वरूप नजर आएगा। यहां उनको साफ सुथरे माहौल में पढ़ाई करने का मौका मिलेगा। शिक्षा विभाग इसकी तैयारी में जुटा हुआ है। इसके लिए सरकारी स्कूलों को राशि जारी की गई है।
इसमें स्पष्ट निर्देश भी दिए हैं कि इस राशि से स्कूल को स्वच्छता भरे वातावरण में बदला जाए। दरअसल 15 जून से 2018-19 का सत्र शुरू होने जा रहा है। इसी को देखते हुए शिक्षा सत्र की शुरूआत से पहले शिक्षा विभाग ने स्कूलों को 3595 रुपए की राशि जारी की है। इस राशि से स्कूल भवन, परिसर, टॉयलेट की साफ-सफाई, पुताई कराने के साथ अन्य इंतजाम करने की बात कही गई है।
इसके साथ ही प्रबंधन को यह भी कहा है कि दी गई राशि के बावजूद किसी ने लापरवाही दिखाई तो इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ेगा।
इधर, परिवहन के इंतजार में केंद्रों की उपज :-
सीहोर जिले में समर्थन खरीदी केंद्रों पर किसानों से खरीदी गई उपज खुले आसमान के नीचे भगवान भरोसे रखी है। इनको सुरक्षित स्थान पर रखने की बजाए अनदेखा किया जा रहा है।
जानकारों का कहना है कि ऐसे में मौसम के बिगड़े मिजाज के चलते तेज बारिश हुई तो यह उपज उसकी भेंट चढ़कर बर्बाद हो जाएगी। जिले में समर्थन मूल्य पर चना, मसूर और गेहूं खरीदी की गई है। 160 केन्द्रों पर 14 समितियों ने 18 मई तक 42 लाख टन गेहूं की खरीदी की थी। इसमें काफी उपज का परिवहन हो चुका है।
80 हजार मैट्रिक टन गेहूं को ओपन कैंप और 2 लाख टन के करीब खरीदी केन्द्र और सोसायटियों में रखा है। पिछले 12 अप्रैल से चना, मसूर की खरीदी की जा रही है। इसमें 55 हजार मैट्रिक टन चना और 6 हजार मैट्रिक टन मसूर खरीदी की जा चुकी है। चना खरीदी के लिए 25 हजार 700 किसानों ने पंजीयन कराया था। इसमें अभी भी 6 फीसदी किसानों से खरीदी की जाना है।
Published on:
03 Jun 2018 05:52 pm

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