सचिवों ने पंचायत राज्य बचाने प्रमुख सचिव राधेश्याम जुलानिया को हटाने जमकर नारेबाजी की। सचिव बोले 10 जनवरी को भोपाल में पंचायत राज महारैली आयोजित कर आक्रोश के मटके फोड़े जाएंगे। इधर सरपंच संघ ने कहा कि सरपंच हड़ताल में शामिल नहीं हैं। सचिव संघ द्वारा सरपंच संघ का गलत तरीके से नाम का उपयोग कर रहा है। सरंपच संघ द्वारा इसकी निंदा की जा रही है। शहर के जनपद कार्यालय के समक्ष अनेक सरपंच और सचिवों के तत्वावधान में मांगों को लेकर आंदोलन तेज होता जा रहा है।शुक्रवार को सरपंच-सचिव संगठन ने जोरदार नारेबाजी करते हुए धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इसके साथ ही सीवन नदी पुरुष घाट पर पहुंचकर पानी में उतरकर जल सत्याग्रह किया।जिला सचिव संगठन के अध्यक्ष लखन ठाकुर और ब्लाक अध्यक्ष राजू नामदेव ने बताया कि सचिव अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से जिले में आंदोलनरत हैं। इनके हड़ताल पर जाने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में भारत के स्वच्छता अभियान सहित अन्य विकास कार्य ठप पड़े हुए है। आठ सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चल रहे पंचायत सचिवों की हड़ताल से शौचालय निर्माण आवास योजना का सर्वे, मस्टर रोल सहित आधा दर्जन से अधिक का काम प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होगी कलम कार्यालय बंद आंदोलन जारी रहेगा।इसके साथ ही 10 जनवरी को भोपाल में पंचायत राज महारैली आयोजित आक्रोश के मटके फोड़े जाएंगे। धरना आंदोलन में शुक्रवार को अनेक सरपंच और सचिव आंदोलन में शामिल हुए।
सरंपच संघ हड़ताल पर नहीं
सरपंच संघ जिलाध्यक्ष एलम सिंह दांगी ने कहा कि सरंपच संघ हड़ताल पर नहीं है। सरपंच संघ काम कर रहा है। सचिव संगठन अपनी निजी मांगे मांगों पर हड़ताल कर रहे हैं।सचिव संगठन द्वारा अपनी हड़ताल में सरपंच संघ के नाम का उपयोग कर रहा है।सरपंच संघ इसकी खुले शब्दों में निंदा करता है। इसके संबंध में शुक्रवार को नसरुल्लागंज में बैठक रखी है। सरपंच संघ सचिवों की हड़ताल में शामिल होगा या नहीं इसके संबंध में आगे क्या करना हैं। संगठन तय करेगा।
रोजगार सहायकों को दिए सचिवों के प्रभार
अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए पंचायत सचिवों की जगह अब रोजगार सहायक जिम्मेदारी संभालेंगे। उधर हड़ताली सचिवों न शासन द्वारा जारी इस आदेश पर नाराजगी जताई है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के आयुक्त राधेश्याम जुलानिया ने आदेश पर पंचायत सचिव की अनुपस्थिति में उनका काम रोजगार सहायक को सौंप दिया गया है। जिले में भी पंचायत सचिवों के के प्रभार रोजगार सहायकोंं को दे दिए गए हैं।इससे पंचायत के रोजमर्रा के काम में कोई रुकावट नहीं आएगी। दरअसल गांव में नियुक्त रोजगार सहायकों का काम लगभग वही है, जो सचिवों को दिया गया है। सीहोर ब्लाक की 144 पंचायतों में 4 रोजगार सहायकों को पूर्व से ही प्रभार मिला हुआ है।पंचायत सचिवों की हड़ताल के बाद 129 रोजगार सहायकों को पंचायत सचिवों को प्रभार दे दिया गया है। ब्लाक में 11 पंचायतों में रोजगार सहायकों के पद रिक्त हैं।