जिस बेटे को मैंने उंगली पकड़कर चलना सिखाया, वही बेटा अब मुझे उंगली दिखाता है। हर बाप की तरह मेरी भी उमीद थी कि बेटा मेरे बुढ़ापे की लाठी बनेगा, लेकिन बेटे ने तो अपने हाथ में लाठी लेकर मुझे ही घर से निकाल कर बेसहारा कर दिया। यह दर्द भरी दास्तां है इछावर नगर […]
जिस बेटे को मैंने उंगली पकड़कर चलना सिखाया, वही बेटा अब मुझे उंगली दिखाता है। हर बाप की तरह मेरी भी उमीद थी कि बेटा मेरे बुढ़ापे की लाठी बनेगा, लेकिन बेटे ने तो अपने हाथ में लाठी लेकर मुझे ही घर से निकाल कर बेसहारा कर दिया। यह दर्द भरी दास्तां है इछावर नगर के वार्ड नंबर 12 निवासी देवी सिंह की। मंगलवार को जनसुनवाई में कलेक्टर बालागुरू के के समक्ष शिकायत दर्ज कराते हुए बुजुर्ग देवी सिंह ने कहा कि बेटा उसके खाने-पीने का भी ध्यान नहीं रखता है। कलेक्टर ने वृद्ध की शिकायत सुनी और इछावर एसडीएम जमील खान को तुरंत वीसी के माध्यम से वृद्ध की शिकायत पर माता-पिता भरण पोषण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई करने के आदेश दिए।
कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर बालागुरू के और सीईओ जिला पंचायत डॉ. नेहा जैन ने जिलेभर से आए 90 नागरिकों की समस्या और शिकायतें सुनीं। अधिकांश आवेदन भूमि विवाद, नामांतरण, बंटवारा, आपसी विवाद, मेढ़-रास्ता विवाद, बीपीएल कार्ड, प्रधानमंत्री आवास, गन लाइसेंस, सेवानिवृत्ति उपरांत मिलने वाले लाभ से संबंधित आए। जनसुनवाई में संयुक्त कलेक्टर वंदना राजपूत, आनंद सिंह राजावत, एसडीएम तन्मय वर्मा भी बैठे।
जनसुनवाई में आष्टा तहसील के ग्राम उदयपुर निवासी बुजुर्ग बाबूदास बैरागी ने वृद्धावस्था पेंशन दिलाने की गुहार लगाई है। बाबूदास ने कहा कि मेरी और मेरी पत्नी की देखभाल के लिए हमारी कोई संतान नहीं है। वृद्धा पेंशन के लिए 8 माह पहले पंचायत के सचिव को वृद्धा पेंशन के लिए आवेदन दिया था, पर अभी तक मेरी पेंशन चालू नही हुई है। कलेक्टर ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। जनसुनवाई में आवेदन प्रस्तुत करते हुए जावर तहसील के ग्राम केशवपुर निवासी उमरांव सिंह बताया कि कान्याखेड़ी सिंचाई परियोजना अंतर्गत उनका मकान डूब क्षेत्र में जा रहा हैं तथा सर्वे में उनका मकान किसी कारणवश सर्वे से छूट गया है। उमराव सिंह ने मकान का सर्वे कराने एवं मकान का उचित मुआवजा दिलाने की गुहार लगाई है।