
सीहोर. जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट दफ्तर में ज्ञापन देने पहुंचे ग्रामीण।
सीहोर. आमजन की समस्या दूर कर उनको काबिज जमीन पर मालिकाना हक दिलाने के भले ही दावे किए जा रहे हो, लेकिन यह दावा जमीनी स्तर पर सही साबित नहीं हो रहा है। इसकी हकीकत जावर तहसील के झिल्ला और मूंदीखेड़ी गांव में आसानी से देखी जा सकती है।
यहां के पारदी समाज के लोगों को पट्टा नहीं मिलने से वह शासन की योजनाओं के लाभ से वंचित है। मंगलवार को ग्रामीणों ने कलेक्टे्रट पहुंचकर कलेक्टर अजय गुप्ता को आवेदन दिया है। जिसमें जल्द ही पट्टा दिलाने की मांग की है।
ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत झिल्ला और मूंदीखेड़ी जनजातियों में शामिल घुम्मकड़ पारदी जाति बहुल्य है। योजनाओं से वंचित परिवारों के सदस्यों ने गेहलोत सिंह परमार के नेतृत्व में प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन दिया।
जिसमें बताया कि वर्ष 1996 से अपना परपांरिक गांव गांव भटककर शिकार करने और पशुओं की खरीद बिक्री छोड़कर अपराध जगत से मुक्ति पाकर सरकारी जमीन को तोड़कर खेती कर अपने वर्षो को पालन पोषण कर रहे हैं। सरकार ने अब तक भूमि पर काबिज पारदी समाज को मालिकाना हक नहीं दिया है।
पारदी समाज के पास किसी भी प्रकार के दस्तावेज नहीं है। जबकि प्रतिवर्ष कृ षि भूमि का तहसील टेक्स जमा करते हैं जिसकी रसीद सुरक्षित है। भूमि का पट्टा नहीं होने से पारदी समाज के लोग प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अनेक तरह की सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित है।
आवास योजना की दर्ज करा रहे हैैं शिकायत
इधर जिले में कई जगह लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल मिल रहा है। आवास योजना का लाभ दिलाने वह तहसील से लेकर कलेक्ट्रेट के चक्कर काट रहे हैं। उसके बावजूद उनको मायूसी नसीब हो रही है। जिससे उनमें आक्रोश भी देखने को मिल रहा है। पिछले सप्ताह ही सुदामानगर कॉलोनी की महिलाओं ने बताया था कि उनको आवास योजना का लाभ नहीं मिलने से कच्चे मकान में दिन काटना पड़ रहा है। जिससे उनको कई तरह की परेशानी उठाना पड़ रही है। उन्हें योजनाओं का लाभ दिया जाए।
नहीं जुड़े मुख्यधारा से
योजनाओं का लाभ नहीं मिलने से पारदी समाज के नागरिक विकास की मुख्यधारा से नहीं जुड़ पा रहे हैं। जिससे कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जल्द ही पट्टा देने की शासन से मांग की है। जिससे कि उनकी परेशानी दूर हो सकें। उन्होंने कहा कि कच्चे मकान में रहने से हमेशा दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। इसी तरह से खामखेड़ा के लोगों ने भी शिकायत दर्ज कराई थी। इस अवसर पर आमलावत, जवुदीन, हीराकेर सिंह, तिरथसिंह, गुरबगस सिंह, सिनोजराज मौजूद थे।
Published on:
15 Feb 2020, 5:54 AM IST
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