-अदालत ने सुनाया फैसला-10 साल कारावास और पांच हजार रुप
बुदनी। महिला द्वारा पति को प्रताड़ित करना भारी पड़ गया। अपर सत्र न्यायाधीश मनीष लौवंशी की अदालत ने पति को प्रताड़ित करने की आरोपी महिला को धारा 306 भारतीय दंड संहिता के तहत दोषी करार देते हुए 10 साल के सश्रम कारावास और 5000 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। पुलिस अपने पति को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करती थी, जिसके चलते उसने सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली।
जानकारी के अनुसार , नेशनल अस्पताल भोपाल ने बुदनी थाना पुलिस को अवगत कराया गया कि मृतक अवधेश पुत्र भगवती प्रसाद मीणा निवासी ग्वाडिया ने 21 दिसंबर 2017 को सल्फास खा लेने से उल्टी और घबराहट हुई, जिसके कारण उसे होशंगाबाद के एक अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती किया गया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
सूचना पर थाना बुदनी पुलिस ने मामले की जांच की, जिसमें मृतक से एक सुसाइड नोट जब्त हुआ, जिसकी हस्तलिपि विशेषज्ञ से पुलिस ने जांच कराई। परिजन के कथन लिए गए, जिसमें पाया गया कि मृतक अवधेश मीना को उसकी पत्नी रजनी मीणा गृह क्लेश और मानसिक रूप से परेशान करती थी, जिसके कारण मृतक ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली।
बुदनी पुलिस ने विवेचना के उपरांत चालन न्यायालय में पेश किया, जहां सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश मनीष लौवंशी ने आरोपी महिला रजनी मीणा को अपने पति अवधेश मीना को प्रतड़ित करने के आरोप में 10 साल की सजा और 5000 के अर्थदंड से दंडित किया है।