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हर माह 50 करोड़ की अवैध कमाई, वाहन चालकों से सेंधवा टोल पर वसूल रहे टेरर टैक्स

बिना भुगतान प्रदेश में ‘नो एंट्री-एग्जिट’, मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र सीमा पर नेशनल हाइवे के टोल पर वाहनों से ड्रेस, सीट बेल्ट आदि जांच के नाम पर खुली लूट, जांच के नाम पर घंटों रुकने से बचने के नाम पर मांगी जाती है राशि

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बिना भुगतान प्रदेश में ‘नो एंट्री-एग्जिट’

सेंधवा. मध्यप्रदेश के प्रवेश द्वार पर खुले आम लूट मची है। सेंधवा परिवहन विभाग के इंट्रीग्रेटेड टोल पर ट्रक चालकों से खुलेआम टेरर टैक्स वसूला जा रहा है। यहां वाहन चालकों से हर माह 50 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध वसूली हो रही है। चालकों से पैसे किस बात के लिए जा रहे हैं, इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं है। टोल पर तैनात ‘गुर्गों’ को बस पैसे चाहिए।

यह रकम ट्रक की साइज और उस पर लदे माल की कीमत से तय होती है। बिना चढ़ावा न कोई लोडिंग वाहन प्रदेश की सीमा से बाहर जा सकता है और न ही कोई वाहन अंदर आ सकता है। जीएसटी लागू होने के बाद बॉर्डर पर शासन ने लगभग सभी विभागों के चेक पोस्ट बंद कर दिए हैं, लेकिन टेरर कानून के तहत ये सभी चालू हैं। चालक की वर्दी, वाहनों की लाइट, नंबर प्रिंटिंग, स्टेयरिंग का चिकनापन जैसे नियमों की धमकी सिर्फ इसी टोल पर मिलती है। जांच के नाम पर वाहनों को घंटों खड़े करने से बचने के लिए वे पैसे देने को मजबूर हैं।

इस तरह होती है वसूली
दिल्ली से दो ट्रक दवाइयां लेकर पुणे जा रहे थे। टोल पर कर्मचारी ने चालक रोहित कुमार से स्लिप के साथ दो हजार की मांग की। रोहित ने पैसे नहीं दिए तो उसे करीब एक घंटे तक खड़ा रखा गया। ट्रांसपोर्ट कंपनी में बात कर उसने पैसे दिए और वहां से रवाना हुआ। इसी तरह महाराष्ट्र से खाली ट्रक (एमएच-46एफ-3511) इंदौर जा रहा था। एंट्री के नाम पर एक हजार रुपए वसूला गया। चालक को बताया कि ड्रेस नहीं पहने हो, इसलिए पैसा देना पड़ेगा।

ऐसे समझें करोड़ों की वसूली का गणित
सेंधवा टोल पर 24 घंटे में 12 हजार वाहनों का ट्रैफिक है। अकेले 7-8 हजार लोडिंग वाहन हैं। यदि लोडिंग वाहनों का औसत 7 हजार और प्रति वाहन से दो हजार वसूली की दर से जोड़ा जाए तो प्रतिदिन वसूली 1.40 करोड़ का होता है, जो हर माह 42 करोड़ होता है।

इस संबंध में सेंधवा टोल प्लाजा के कार्यकारी प्रबंधक अरुण कौशिक बताते हैं कि जांच का जिम्मा अलग-अलग विभागों के पास है। जांच कौन कर रहा है, जांच के नाम पर कैसी वसूली हो रही है, इसकी जानकारी नहीं है।