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8वीं की छात्रा ने होस्टल में लगाई फांसी, 4 दिन पहले ही आई थी पढ़ने

मानसिक तनाव में 8वीं की छात्रा ने लगाई फांसी, परिजनों का हंगामा, अधीक्षिका व वार्डन गिरफ्तार

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सेंधवा। जामली गांव स्थित एकलव्य आवासीय बालिका छात्रावास के कमरे में रविवार रात 14 वर्षीय बालिका ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। बच्ची की मौत पर परिजनों सहित आदिवासी सामाजिक संगठनों ने खूब हंगामा किया। आश्वासन मिलने के बाद ही परिजनों ने शव पीएम के लिए ले जाने दिया। देर रात पुलिस ने होस्टल अधीक्षिका और वार्डन को गिरफ्तार कर लिया।

हंगामे के दौरान जिपं सदस्य राजकला सोलंकी, आदिवासी एकता परिषद् के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल रावत, राकेश रावत सहित जयस के कार्यकर्ताओं की प्रशासनिक अधिकारियों से बहस चलती रही। एसडीएम तपस्या परिहार, तहसीलदार मनीष पांडे, ग्रामीण थाना प्रभारी विकास कपीस, सहायक आयुक्त निलेश रघुवंशी, बीइओ, होस्टल अधीक्षिका सुनीता चौहान भी मौके पर पहुंचे।

पांच दिन पहले होस्टल पहुंची थी मुस्कान

परिजनों ने बताया कि कक्षा 8वीं में पढ़ाई के लिए हिंगवा निवासी मुस्कान पिता विजय डावर (14) सेंधवा से करीब 9 किमी दूर एकलव्य आवासीय स्कूल व छात्रावास पहुंची थी। परिजनों ने बताया कि बेटी होस्टल जाने से पहले घर पर दादा-दादी, मां पिता और बड़ी मम्मी के पैर छूकर निकली थी। वह पढ़ लिखकर परिवार को बेहतर जीवन देना चाहती थी, लेकिन होस्टल अधीक्षिका के प्रताड़ित करने के बाद उसने आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों का रोरो का बुरा हाल हो गया है।

जिस कमरे में आत्महत्या उसमें नहीं रहना चाहती थी मुस्कान

होस्टल अधिकारियों ने बताया कि मुस्कान 14 जुलाई को ही स्कूल आई थी। अपना सामान लेकर होस्टल में गई थी। उसे रूम नंबर 25 दिया था, लेकिन वह इसमें नहीं रहना चाहती थी। परिजन मुकेश डावर और अनिल रावत ने बताया कि सुसाइड नोट में मुस्कान ने लिखा है कि मैंने होस्टल के ऊपर कमरा मांगा था, लेकिन नहीं दिया। गेस्ट रूम में रहने की मांग की वह भी नहीं दिया। वह मानसिक रूप से परेशान हुई और ये कदम उठाया है। परिजनों ने बताया कि जब सुसाइड नोट में मुस्कान ने ये भी लिखा है कि मासिक धर्म आ गया था, तो मैडम नहीं मिली। किससे सहायता मांगती इसलिए वह मानसिक तनाव में थी। खराब भोजन और होस्टल में गेहूं बीनने से लेकर अन्य कार्य कराने की बात भी लिखी गई है। परिजनों ने होस्टल अधीक्षक सहित अन्य अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

पिछले कई दिन से होस्टल अधीक्षक से कह रही हूं। मेरा कमरा बदलों, लेकिन वह नहीं सुनती। मैं परेशान हो चुकी हूं। पहली बार पीरियड आया है। होस्टल में कोई सुविधा नहीं है। होस्टल की अधीक्षक नहीं मिलती। होस्टल में खाना भी अच्छा नहीं मिलता है। सब काम कराते है। ये बात 8वीं की छात्रा मुस्कान पिता विजय डावर (14) ने आत्महत्या से पहले करीब 5 पेज में लिखे सुसाइड नोट में लिखी। उसने सुसाइड नोट में ये भी लिखा कि इसे सबसे पहले मेरे माता-पिता को पढ़ने दें।

3 घंटे परिजनों व सामाजिक संगठनों का हंगामा

घटना की जानकारी मिलने के बाद सबसे पहले हिंगवा निवासी अनिल रावत होस्टल पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से सख्त कार्रवाई की मांग की। परिजनों ने मामले में जांच और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग को लेकर 3 घंटे हंगामा किया। परिजनों ने कार्रवाई नहीं होते तक शव नहीं उठाने की बात कही। हालांकि होस्टल अधीक्षिका को निलंबित करने के बाद परिजन और सामाजिक कार्यकर्ता माने। राजकला सोलंकी ने पूरे घटना की जांच, स्कूल की छात्राओं से बात कर अन्य जानकारी लेने की मांग की।

मुस्कान डावर 14 जुलाई को ही होस्टल आई थी। मामले में मर्ग कायम जांच शुरू कर दी है। छात्रा के कमरे से एक नोट बरामद हुआ है। जिसे परिजनों के सामने खोला है। होस्टल अधीक्षिका और वार्डन के प्रति प्रताड़ित करने की बात सामने आ रही है। इसके साथ अन्य तथ्य सामने आए है। जांच के बाद होस्टल अधीक्षक और वार्डन को गिरफ्तार किया है।

14 वर्षीय छात्रा द्वारा आत्महत्या करना बेहद गंभीर है। पुलिस सहित सभी अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए है। छात्रा ने सुसाइड नोट में जो भी बातें लिखी है उसकी जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मैं स्वयं मॉनिटरिंग करूंगी।

-तपस्या परिहार, एसडीएम सेंधवा