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ग्राम टुरिया के रिसोर्ट में पहुंचा 18 माह का बाघ शावक, रेस्क्यू कर पकड़ा

- रेस्क्यू के बाद शावक को लाया गया वन्यप्राणी चिकित्सा केंद्र खवासा - शावक के खून व अन्य नमूने जांच के लिए किए गए एकत्रित

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शावक।

शावक।

सिवनी. पेंच टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र स्थित ग्राम टुरिया में मंगलवार की सुबह बाघ शावक का रेस्क्यू किया गया। शावक की आयु 16 से 18 माह अनुमानित है। शावक बीती रात टुरिया ग्राम के खेतों में देखा गया था। मानव आबादी के बहुत करीब होने के कारण रात्रि से ही पेंच टाइगर रिजर्व का गश्ती दल इस पर सतत निगाह रखते हुए स्थानीय ग्रामीणों को सावधानी बरतने के बाबत सलाह देते नजर आया था। इसकी पुष्टि डिप्टी डॉयरेक्टर रजनीश सिंह ने की है।


बताया कि देर रात करीब तीन बजे बाघ अंधेरे में गश्ती दलों के निगाह से ओझल हो गया था। गश्ती दल ने सवेरा होते ही पुन: बाघ शावक की तलाश प्रारंभ की। शावक टुरिया ग्राम के समीप रिसोर्ट में मिला। इसकी सूचना मुख्य वन्य प्राणी अभिरक्षक शुभरंजन सेन को दी गई। उन्होंने शावक के रेस्क्यू करने की अनुमति प्रदान की। इसके बाद पेंच टाइगर रिजर्व के वरिष्ठ वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. अखिलेश मिश्रा ने हाथियों की मदद से बाघ के पास जाकर उसे निश्चेत किया एवं रेस्क्यू कर खवासा वन्यप्राणी चिकित्सा केंद्र लेकर आए। रेस्क्यू के दौरान जबलपुर वेटरनरी कॉलेज के वाइल्ड लाइफ फॉरेंसिक एंड हेल्थ सेंटर की डॉ. निधि राजपूत भी उपस्थित रही। उन्होंने रेस्क्यू किए गए शावक के खून एवं अन्य नमूने जांच के लिए एकत्र किए। रेस्क्यू कार्य के दौरान कुरई थाना प्रभारी मय स्टॉफ कानून व्यवस्था बनाने मौके पर मौजूद रहे। बताया कि ग्रामीणों ने भी रेस्क्यू के दौरान सहयोग दिया। वे पूरे समय रेस्क्यू स्थल से पांच सौ मीटर या अधिक दूरी पर उपस्थित रहे। रेस्क्यू कार्य को बिना विघ्न संपन्न होने में पूरा योगदान दिया, जिससे बिना कोई जनहानि हुए यह रेस्क्यू सफलतापूर्वक हुआ।