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नाली की तरह बना दी नहर, किसान परेशान

कच्ची नहरों की खुदाई कर छोड़ दिया गया है।

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नाली की तरह बना दी नहर, किसान परेशान

नाली की तरह बना दी नहर, किसान परेशान

सिवनी. खेतों में हरियाली बिखेरने बनाई गई पेंच परियोजना की नहरें किसानों के लिए मुसीबत बन गई हैं। जल संसाधन विभाग द्वारा मापदंडों को दरकिनार कर बनाई गई कच्ची नहर से पानी आगे नहीं बढऩे के कारण किसानों को मीलों दूर से पाइप लाइन बिछाकर खेतों की सिंचाई करनी पड़ रही है। मामला लखनवाड़ा से हथनापुर रोड पर स्थित किसनपुर गांव का है।
द्वारका, संतोष बंदेवार, केशूराम पटेल, कामता बघेल, मोहन बंदेवार इत्यादि खेतों के बीच नाली की तरह कच्ची नहरों की खुदाई कर छोड़ दिया गया है। नहर खुदाई करते वक्त न तो गहराई का ध्यान रखा गया है। न ही नहर के दोनो ओर मजबूत पार बनाई गई है। खेतों के आगे नहर ऊंचाई पर होने के कारण पानी आगे नहीं बढ़ रहा है। नहर का पानी एकत्रित होकर किसानों के खेत में सीपेज व ओवरफ्लो के जरिए पहुंच रहा है। इससे फसलें बर्बाद हो रही हैं। इतना ही नहीं सड़क क्रास करने के लिए नहर पर बनाई गई पुलिया में छोटा पाइप फसा दिया गया है। जिससे पानी आगे नहीं बढ़ रहा है। पाइप की गोलाई इतनी कम है कि इसमें पानी निकलने के लिए जगह तक नहीं है। पाइप का आधे से ज्यादा हिस्सा मिट्टी व मुरम से चोक हो गया है।
किसनपुर गांव से नहर का पानी आगे नहीं बढऩे के कारण मड़वा क्षेत्र के किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल रहा है। सिंचाई विभाग और निर्माण एजेंसी मेंटाना कंपनी की लापरवाही का खामियाजा किसान उठा रहे हैं। किसानों के मुताबिक तकनीकि मापदंडों को दरकिनार कर बनाई गई नहर को देखने के लिए राजस्व अमला और सिंचाई विभाग के अधिकारी भी कुछ दिन पहले मौके पर पहुंचे थे। इस दौरान अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि उथली नहरों की गहरी खुदाई कर पानी को आगे बढऩे का रास्ता तैयार किया जाएगा। लेकिन रबी सीजन समाप्ति पर है। अब तक नहर सुधार का कार्य शुरू नहीं किया गया है।
गांव के केसूराम, द्वारका, संतोष, मोहन इत्यादि ने बताया कि गलत तरीके से बनाई गई कच्ची नहर का पानी सीपेज होने के कारण कई एकड़ के खेत दलदल में तब्दील हो रहे हैं। फसलों को बचाने के लिए फिलहाल नहर को खैरी मोड़ पर रोक दिया गया है। नहर इतनी उथली बनाई गई है कि इसमें पानी छोड़ते ही ओवरफ्लो होने लगता है।
मड़वा सरपंच रामेश्वर वर्मा सहित क्षेत्र के किसानों ने बताया कि नहर निर्माण करवा रही मेंटेना कंपनी के कर्मचारी व सिंचाई विभाग के अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। किसानों की समस्याओं को अनसुना कर नहरों की खुदाई की गई है। इसका परिणाम है कि किसानों को अपनी फसलें बचाने और सिंचाई के लिए मुश्किलें उठानी पड़ रही हैं।
सिंचाई विभाग द्वारा चैनेज 890 पर कई फिट चौड़ी पुलिया बनाई गई है। इस पुलिया में करीब दो फिट चौड़ा एक मात्र पाइप लगाया गया है। इससे पानी की निकासी नहीं हो रही है। यही स्थिति किसनपुर से मड़वा मार्ग की सड़क में चैनेज 1340 पर बनाई गई पुलिया की है। पुलिया में लगाया गया पाइप मिट्टी व मुरम से पूरी तरह चोक है। वहीं सड़क पर बनाई गई पुलिया ऊंचाई पर होने के कारण नहर का पानी आगे नहीं बढ़ रहा है।
इनका कहना है-
किसनपुर-मड़वा में नहर के बंद होने की जानकारी मेरे संज्ञान में है। मैंने स्वयं मौके का दौरा किया है। ठेकेदार को सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं। एक दो दिनों में माइनर नहर में सुधार कार्य ठेकेदार द्वारा शुरू कर दिया जाएगा।
राजीव फिरके, कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना