
सिवनी. फलों के दाम आसमान पर हैं। फलों का राजा आम इन दिनों 100 से लेकर 140 रुपए किलो तक बेचा जा रहा है। बावजूद शहर में इनसे बना ज्यूस सस्ते में मिल रहा है। साफ है ज्यूस के नाम पर केमिकल बेचा जा रहा है। शहर में खुलेआम सेहत से खिलवाड़ होने के बावजूद जिम्मेदारों का ध्यान नहीं है। खाद्य विभाग ने भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। बड़ी बात यह है कि सस्ते फलों का जूस पिककर बच्चे बीमार हो रहे हैं। तेज गर्मी के कारण इन दिनों किसी भी बाजार या शहर के प्रमुख मार्ग पर हर जगह शीतल पेय व ज्यूस की दुकानें नजर आ रही हैं। दोपहर से देर रात तक इन दुकानों पर भीड़ उमड़ रही है। ये सस्ते ज्यूस लोगों की सेहत बिगाड़ रहे हैं। शहर में बस स्टैंड, शुक्रवारी चौक, कचहरी रोड सहित विभिन्न चौराहों व मार्गों पर जूस, मिल्क शेक, शर्बत आदि की कई दुकानें हैं। लगभग सभी में एसेंस व कलर वाला ज्यूस ही बिक रहा है। वहीं बात आम की करें तो अभी आम की फसल पूरी तरह पक कर तैयार नहीं हुई है, लेकिन बाजारों में दुकानों पर आम के जूस मार्च माह से ही बेचे जा रहे हैं। ऐसे में लोगों की सेहत खराब हो रही है।
ऐसे समझें मिलावटी ज्यूस का गणित
बाजार में 20-20 रुपए में एसेंस कलर की 5 से 10 ग्राम की शीशी आती है। यह ओरेंज, पाइनेपल, मैंगो सभी फ्लेवर में उपलब्ध हैं। एसेंस कलर की एक शीशी से 20 लीटर तक शर्बत-जूस तैयार हो सकता है। जबकि आम वर्तमान में 100 से 140 रुपए किलो तक बिक रहे हैं। एक किलो आम से 5 गिलास ज्यूस बन सकता है। एक किलो आम रस में दूध मिलाने पर 5 से 6 ग्लास शेक बनता है। दूध, आम और चीनी की कीमत जोड़ें तो एक गिलास कम से कम 25 रुपए में पड़ता है। जबकि बाजार में 10 से 15 रुपए प्रति गिलास में बाजार में बेचा जा रहा है।
टॉपिक एक्सपर्ट-डॉ. पारस पटेरिया,
फ्लेवर वाले जूस में शामिल तत्व सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इनमें आर्टिफिशियल स्वीटनर, प्रिजर्वेटिव और रंग शामिल हो सकते हैं जो पाचन तंत्र, किडनी और हृदय पर बुरा असर डाल सकते हैं। ये जूस एसिडिटी, गैस और पेट दर्द का कारण बन सकते हैं। एसेंस व कलर से बना ज्यूस नियमित सेवन से किडनी व लीवर को नुकसान पहुंचता है। अन्य जानलेवा बीमारियां भी होती हैं। ज्यूस में गंदा पानी भी मिला हो सकता है। इस समय काफी बच्चे जिला अस्पताल में आ रहे हैं। डायरिया, पीलिया की शिकायत हो रही है।
इनका कहना है…
शहर में बिकने वाले ज्यूस वाले दुकानों पर जल्द ही सेम्पल लिया जाएगा। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
सोनू तिवारी, फूड इंस्पेक्टर, सिवनी
Published on:
11 May 2025 01:27 pm
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