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सिवनी

बढ़ रही तारीख पर तारीख, फिर भी नहीं आ रहे किसान

– लक्ष्य से पिछड़ी सरकारी खरीदी, खुले बाजार में गेहूं की बंपर आवक

सिवनीJun 06, 2024 / 06:46 pm

sunil vanderwar

सरकारी खरीदी केन्द्रों में कम पहुंचे किसान।

सरकारी खरीदी केन्द्रों में कम पहुंचे किसान।

सिवनी. जिले में किसानों से सरकारी रेट पर गेहूं खरीदने के लिए 98 केन्द्र बनाए गए थे। इन केन्द्रों पर कुल तीन लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन शुरुआत से ही अधिकांश समय केन्द्रों पर किसानों की कमी रही। जबकि शासन गेहूं खरीदी की तारीख पर तारीख बढ़ाता जा रहा है। तब भी बड़ी तादाद में किसानों ने सरकारी केन्द्रों के बजाय कृषि उपज मंडी में अपनी गेहूं व्यापारियों को बेचना ज्यादा मुनासिब समझा। इसी का नतीजा है कि जिले में सरकारी केन्द्रों के गेहूं खरीदी का लक्ष्य पूरा नहीं हो सका।

जिले में विपणन संघ ने सहकारी समितियों और स्व-सहायता समूहों के माध्यम से जिले में 98 गेहूं खरीदी केन्द्र शुरु किए थे। जिन पर शासन की निर्धारित समर्थन मूल्य 2400 (2225 रेट व 175 रुपए बोनस) रुपए प्रति क्विंटल पर गेहूं खरीदी की जा रही थी। जबकि मंडी के खुले बाजार में इससे अच्छे भाव थे। इसके अलावा सरकारी केन्द्रों में गेहूं बेचने वाले किसानों को भुगतान के समय पुराने कृषि ऋण या किसी अन्य कर्ज का बकाया होने पर राशि में कटौती कर भुगतान किया जा रहा था। इससे काफी संख्या में किसानों ने सरकारी केन्द्रों से दूरी बना लिए।

अब 25 जून तक बढ़ी तारीख-

कृषि मंडी में गेहूं लेकर बड़ी संख्या में पहुंच रहे किसान।
कृषि मंडी में गेहूं लेकर बड़ी संख्या में पहुंच रहे किसान।

सरकारी केन्द्रों पर गेहूं खरीदी के कुल लक्ष्य तीन लाख मीट्रिक टन को पूरा करने के लिए प्रशासन को तारीख पर तारीख बढ़ाना पड़ रहा है। अब तक जिले में कुल 2.57 लाख मीट्रिक टन खरीदी हो पाई है। इस लक्ष्य को पूरा करने पहले 19 मई, फिर 31 मई और अब 25 जून तक खरीदी की तारीख बढ़ाई गई है। इसके बावजूद एक सप्ताह से खरीदी केन्द्रों पर किसान नहीं आ रहे हैं। अब जिले के दूसरे केन्द्रों को बंद करते हुए ब्लॉक लेबल पर एक-एक केन्द्रों को 25 जून तक खुला रखे जाने की तैयारी है।

पंजीयन के बाद आधे किसान भी नहीं पहुंचे-


सरकारी रेट पर गेहूं बेचने में किसानों ने शुरुआत में रूचि दिखाई थी, लेकिन जब किसानों के कर्ज की राशि कटौती की जाने लगी और खुले बाजार में किसानों को गेहूं का अच्छा भाव मिला तो उन्होंने सरकारी केन्द्रों में पंजीयन कराने के बाद भी गेहूं नहीं बेचा। सहकारी समितियों में पंजीयन के बाद भी आधे से कम किसान गेहूं बेचने पहुंचे। सहकारी समिति चंदौरी में किसानों के पंजीयन के मुताबिक चार लाख क्विंटल गेहूं खरीदी होना था, लेकिन महज 80 हजार क्विंटल ही हुई। लक्ष्य का 40 फीसदी उपार्जन ही हो पाया।

हमने सरकारी खरीदी केन्द्र में गेहूं बेचने पंजीयन कराया था, लेकिन पता चला कि गेहूं खरीदी में अधिक तौल ले रहे हैं। उस पर भी भुगतान में देरी और पुराने बकाया की कटौती होगी, तो हमने मंडी में गेहूं ले जाकर बेच दिए। वहां भी अच्छे भाव मिले। सरकारी केन्द्रों की व्यवस्था भी नहीं सुधरी है।
राजकिशोर बघेल, किसान

इनका कहना है –
यह यही है कि जो लक्ष्य मिला था, वो पूरा नहीं हो पाया। सरकारी भाव 2400 रुपए प्रति क्विंटल है, जबकि बाजार में किसानों को कभी-कभी इससे भी अच्छे भाव मिले। सरकारी केन्द्र में गेहूं बेचने वाले जिन किसानों पर समितियों का पुराना कर्ज बकाया था, उसकी राशि काटकर भुगतान होना भी एक अहम कारण रहा।
संतकुमार राजपूत प्रबंधक सहकारी समिति, चंदौरी

यह बात सही है कि किसानों को खरीदी केन्द्र से अच्छे रेट मंडी में मिले, इससे किसानों की कमी के कारण सरकारी खरीदी का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया। अब शासन को जिले की अन्य खरीदी केन्द्र बंद करते हुए ब्लॉक लेबल पर एक-एक केन्द्र खुले रखने का प्रस्ताव भेजा गया है।
केके सोनी, महाप्रबंधक, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक सिवनी

जिले में इस वर्ष गेहूं खरीदी का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया है। 25 जून तक खरीदी होना है, लेकिन वर्तमान में केन्द्रों पर किसान नहीं आ रहे हैं। अब तक 24800 किसानों से खरीदी व 535 करोड़ का भुुगतान हुआ है। 98 प्रतिशत गेहूं परिवहन कर भंडारण किया जा चुका है।
केआर परतेती डीएमओ, जिला विपणन संघ सिवनी

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