शनिवार को परिवार परामर्श केन्द्र में कुल 8 प्रकरण रखे गए थे। जिनमें दो पक्षो में 15 दिन का समय दिया गया। वहीं बाकी एक पक्ष त्यौहारों के चलते उपस्थित नहीं होने पर अगली पेशी दी गई हैं।
परिवार परामर्श केन्द्र के एएसआई ज्योति चौरसिया ने बताया कि एक मामला जिसका आवेदक बरघाट और अनावेदिका छिंदवाड़ा की है जिसमें दोनों की शादी के 11 साल हो गए है जिनके दो बच्चे भी हैं। पति का कहना है कि बिना बताए मायके चली जाती है और बच्चों को छोड़ देती है। जिसमें पत्नी का कहना था कि सास छोटी-छोटी बात पर विवाद करती है। जिससे वह परेशान थी। जिसके कारण दोनों पति-पत्नी अलग रहने लगे। उसके बाद भी पत्नी बिना बताए मायके चली जाती थी। दोनों के बीच विवाद होने के कारण पत्नी मायके में रहने लगी। पति ने मनाने की कोशिस की लेकिन पत्नी आने को तैयार नहीं हुई। मामला परामर्श में पहुंंचा जहां पत्नी ने वापस आने के लिए 15 दिन का समय लिया हैं।
दूसरे मामले में आवेदक बन्डोल और अनावेदिका सिवनी दोनो में छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद होता था। जिसके कारण पत्नी मायके में रहने लगी थी। पति के मनाने पर भी आने को तैयार नहीं हुई। जिसमें परिवार परामर्श द्वारा अनावेदिका को नोटिस जारी किया गया हैं।
शुक्रवार को भी एक मामला आवेदक सिवनी और अनावेदिका गोंदिया की है। जिसमें बहू सास से परेशान रहती है। हर दिन सास के द्वारा वादविवाद होते रहता था। जिससे वह परेशान थी और वह अपने मायके चली गई।
पति के द्वारा परिवार परामर्श केन्द्र में पत्नी को वापस लाने के लिए आवेदन दिया गया। जहां दोनो को समझाईश दी गई। जिसमें दोनों साथ रहनें को राजी हो गए। जिसमें परिवार परामर्श केन्द्र एएसआई ज्योती चौरसिया, अनीता, राखी, रीना परामर्शकर्ता सुरेन्द्र श्रीवास्तव और छिद्दीलाल श्रीवास उपस्थित रहे।