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उगली. जिले के गांव-गांव में अवैध शराब एवं नशीले पदार्थों की बिक्री को लेकर हर तरफ विरोध दर्ज किया जा रहा है। ग्रामीण अब लामबंद हो रहे हैं। बैठक कर शराब बेचने एवं पीने वालों पर सख्त कार्यवाही का निर्णय लिया जा रहा है। इसी के तहत केवलारी विकासखण्ड की उपतहसील उगली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत बावली ग्राम में सरपंच, सचिव के साथ ग्रामीणों ने राधाकृष्ण मंदिर परिसर में बैठक की। गांव को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया। लोगों ने अपने-अपने विचार व्यक्त किया। निर्णय लिया गया कि गांव में कोई भी व्यक्ति शराब बेचते या बनाते हुए पाया गया तो दस हजार रुपए जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं किसी ने शराब पीकर गांव में उपद्रव या शांति भंग किया तो उसके ऊपर पांच हजार रुपए जुर्माना एवं अन्य कार्यवाही की जाएगी।
समिति का किया गया गठन
बैठक में गांव को नशामुक्त बनाने के लिए 30 महिला-पुरुष की एक समिति का भी गठन किया गया। समिति गांव में अवैध शराब बिक्री एवं पीने वालों पर नजर रखेगी। समिति के कार्यों को भी बिन्दुवार लिखा गया। सरपंच रानु यादव, सुरेंद्र यादव ने सहमति दी। इसके बाद सचिव विनय देशमुख ने पढकऱ सुनाया। बैठक में वेदप्रकाश देशमुख, कन्हैयालाल बिसेन, बालचंद मड़ावी, विजेन्द्र साहू, भुपेंद्र लिल्हारे, विनय नगपुरे, कृष्ण कुमार बिसेन, मनोहर कुशरे, मिथुन रामानंदी, राजा लिल्हारे, कमलेश भरत, सुभम दीवान, महेश गौतम, राकेश टेम्भ्रे, बसंत यादव, हेमराज बिसेन एवं काफी संख्या में ग्रामीण एवं पुलिस एवं प्रशासन का स्टॉफ मौजूद रहा।
कई गांव में निर्णय, दिख रहा सकारात्मक परिणाम
अगस्त माह में लखनादौन तहसील अंतर्गत धनककड़ी गांव सहित आसपास के दर्जनों गांव के लोगों ने मिलकर चौपाल लगाकर सर्वसम्मति से गांव को नशामुक्त बनाने का निर्णय लिया था। गांव में शराब बेचने वालों पर 11000 से लेकर 51000 रुपए तक जुर्माना लगाए जाने का भी निर्णय लिया गया। जिसका सकारात्मक परिणाम भी क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। जिले के करीब दर्जनभर गांवों ने शराबबंदी को लेकर ऐतिहासिक पहल कर समाज में एक सकारात्मक बदलाव की तरफ कदम बढ़ाया है। दरअसल गांव-गांव में अवैध शराब बिक्री की वजह से कई परिवार बिखर रहे हैं। शराब सहित अन्य नशा ने युवा पीढ़ी को भी बर्बादी की राह पर धकेल दिया है। आए दिन शराब के नशे में झगड़े, घरेलू कलह और अपराध की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसी को देखते हुए गांव-गांव में लोग मिलकर शराबबंदी का संकल्प ले रहे हैं।
सामाजिक बहिष्कार जैसे कदम भी उठाए जा रहे
लखनादौन में ग्रामीणों ने शराब पीने एवं बेचने वालों पर आर्थिक दंड लगाने के साथ ही सामाजिक बहिष्कार जैसे कदम भी उठाए जाने का निर्णय लिया है। महिलाओं का कहना है कि इससे घरों में शांति और बच्चों का भविष्य सुरक्षित होगा। वहीं युवाओं ने भी वादा किया कि वे नशे की आदतों से दूर रहेंगे और गांव को नशा मुक्त बनाने में सहयोग देंगे।
Published on:
20 Sept 2025 01:55 pm
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