सिवनी. देवी भागवत नामक पुराण से बढ़कर कोई पुराण नहीं है। भागवत कथा पढऩे व सुनने से कोई भी पदार्थ दुर्लभ नहीं रह सकता है। इनकी कृपा से सभी कष्टों का निवारण शीघ्र हो जाता है। उक्ताशय की बात नरसिंहपुर बचई से आए कथा वाचक पं. बालव्यास सर्वेस महाराज ने आमानाला मेन रोड सुनवारा में जारी श्रीमद् देवी भागवत महापुराण में श्रद्धालुजनों से कही।
उन्होंने आगे कहा कि मनुष्य परम अमृत स्वरुप इस कथा को पढ़ता व सुनता है। संसार में भगवती की कृपा से उसके सभी मनोरथ पूर्ण हो जाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि पृथ्वी भी एक मां है, एक हिन्दुस्तान ही ऐसा स्थान है जहां पृथ्वी को भारत माता कहा जाता है। पूरे विश्व में कही भी पृथ्वी को माता नहीं कहा जाता है। पृथ्वी पर मनुष्य जन्म लेने के बाद ही धन्य हो जाता है। कथा आयोजक भंगीलाल यादव, सुहागवती यादव ने बताया कि 8 अप्रैल से शुरू हुई कथा का समापन 15 अप्रैल को होगा।