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ई-अटेंडेंस के दोनों फार्मूले फ्लॉप!

तय समय पर स्कूल नहीं पहुंच रहे प्राचार्य, शिक्षक, देरी से स्कूल पहुंचे प्राचार्य और 7 शिक्षकों का कटा वेतन, मिला नोटिस
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Sunil Vandewar

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Updated: 18 Sep 2016, 2:09 PM IST

mobile phones is bad effects on children's

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सिवनी.
तय समय पर शिक्षक स्कूल पहुंचें और पढ़ाई कराएं, इसी सोच के साथ राज्य व जिला प्रशासन ने मोबाइल एप के माध्यम से ई-अटेंडेंस के दो अलग-अलग फॉमूले को अमल में लाया है। लेकिन इन दोनों ही फॉर्मूले को दरकिनार करते हुए अब भी सरकारी स्कूलों में तय समय पर प्राचार्य, प्रधानपाठक और शिक्षक नहीं पहुंच रहे। इस हकीकत से खुद शिक्षा विभाग के अफसर भी वाकिफ हो रहे हैं। लोक शिक्षण संचालनालय के आदेश अनुसार सभी सरकारी स्कूलों को सुबह 10:30 से शाम 5 बजे तक संचालित करना अनिवार्य किया गया है। यानि तय समय में सभी प्राचार्य, प्रधानपाठक, शिक्षकों को स्कूल पहुंचना है, लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा।

शिक्षा विभाग में जबलपुर संभाग के संयुक्त संचालक मनीष वर्मा एवं राजेश तिवारी द्वारा बीते दिन जिले की शैक्षणिक संस्थाओं का औचक निरीक्षण कर व्यवस्था देखी गई। इस दौरान सिवनी ब्लॉक के पीपरडाही, केवलारी ब्लॉक के चिरचिरा जैसे कई और सरकारी स्कूलों में तय समय पर शिक्षकों की गैरहाजिरी पाई गई। इन्हें नोटिस भी जारी कर जवाब तलब किए जा रहे हैं।

जिला शिक्षा अधिकारी एन पटले द्वारा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य सीएल मर्सकोले और 7 शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पत्र में कहा गया है कि संचालनालय से आए उपसंचालक द्वारा बीते दिन प्रात: 10:50 बजे पीपरडाही विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण में कई कमियां पाई गईं। जिसे घोर लापरवाही एवं मनमानी मानते हुए प्राचार्य एवं शिक्षकों को नोटिस जारी कर कहा गया है कि 19 सितम्बर तक जवाब दिया जाए। जवाब संतोषजनक न होने पर एक तरफा अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

गिनाई कमियां, थमाया नोटिस -

जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि निरीक्षण टीम ने औचक निरीक्षण में पाया कि पीपरहाड़ी विद्यालय के 7 शिक्षक 10:57 बजे तक विद्यालय में उपस्थित नहीं हुए, इसलिए इनका एक दिवस का अवैतनिक अवकाश स्वीकृत किया जाता है। संस्था में शैक्षणिक कैलेण्डर अनुसार नहीं पढ़ाया जा रहा। कैलेण्डर अनुसार सुबह 10:30 से शाम 5 बजे तक संस्था संचालित किया जाना है, जबकि संस्था में उपलब्ध टाइम टेबिल अनुसार संस्था का संचालन 10:40 से 4:30 तक किया जा रहा है। जो कि स्पष्ट रुप से आयुक्त एवं कलेक्टर के निर्देशों की अवहेलना है। आदेश के बावजूद विद्यालय में तम्बाकू निषेध सम्बंधी कोई सूचना चस्पा नहीं की गई है। प्राचार्य द्वारा शिक्षकों की डेली डायरी नहीं देखी जा रही। विद्यार्थियों के प्रायोगिक कार्य नहीं कराए गए। विद्यालय के दर्ज 283 में से 235 विद्यार्थी ही उपस्थित पाए गए। विद्यार्थियों का शैक्षणिक स्तर कमजोर पाया गया। टाइम टेबिल देखने पर निरीक्षण टीम ने पाया कि प्राचार्य के द्वारा कोई कालखण्ड (पीरियड) नहीं लिया जा रहा, जबकि शासन के आदेश अनुसार प्राचार्य को दो कालखण्ड लेने के आदेश हैं। इसके अलावा विद्यालय में साफ-सफाई का भी अभाव पाया गया है।

देरी से आए थे ये शिक्षक-

जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार अधिकारियों के निरीक्षण में पीपरडाही विद्यालय में तय समय पर न पहुंचने वाले शिक्षकों में सुशीला सनोडिया वरिष्ठ अध्यापक, रजनी सोनी वरिष्ठ अध्यापक, सुनीता उइके वरिष्ठ अध्यापक, वसंत उइके वरिष्ठ अध्यापक, आशीष अड़कने वरिष्ठ अध्यापक, शरदनंदनी सोनी संशाशि वर्ग 2, प्रदीप पंचेश्वर सहायक अध्यापक अनुपस्थित पाए गए थे।