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विपरीत परिस्थितियों को मात देकर चमका ‘वैभव’

कहते हैं कोयला भी हीरे की चमक फीकी नहीं कर पाता है।
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Prashant Sahare

Jan 17, 2017

seoni

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सिवनी
. कहते हैं कोयला भी हीरे की चमक फीकी नहीं कर पाता है। हीरा अवसर मिलते ही अपनी दमक बिखेरकर सभी को अपनी ओर आकर्षित कर लेता है। ऐसा ही कर दिखाया है जिले की ग्राम पंचायत मुंडरई के कक्षा चौथी के छात्र ने।

विकासखंड सिवनी की ग्राम पंचायत मुंडरई में शासकीय प्राइमरी स्कूल रामाटोला खेत में बना है। स्कूल के तीनों तरफ खेत हंै और फसलें लगी हैं तथा सामने से सड़क गुजरी है। स्कूल में अध्ययनत 26 विद्यार्थी खेल मैदान के अभाव में कभी खेल अभ्यास तक नहीं कर पाते हैं। मैदान विहीन इस स्कूल के छात्रों का खेल के प्रति काफी लगन है। यही एक कारण है कि चौथी कक्षा के छात्र वैभव देशमुख ने कुश्ती में जिला ही नहीं अपितु संभागस्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। स्कूल की प्रधान पाठक जिज्ञासा हनवत ने बताया कि रामाटोला गांव में सरकारी जमीन है ही नहीं। स्कूल खोलने के लिए गांव के ग्रामीण ने अपनी कृषि भूमि दान की थी। जिस पर स्कूल भवन बनाया गया है। स्कूल भवन में दो क्लास रूम और एक बरामदा है। यहां कक्षा पहली में चार, दूसरी व तीसरी में पांच, चौथी में तीन और कक्षा पांचवीं में नौ विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। बच्चे दूसरे गांव में जाकर अपनी खेल प्रतिभा को निखारते हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि सरकार भले ही शिक्षा में गुणवत्ता के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है। स्कूलों में कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। छात्र-छात्राओं को ड्रेस, मध्याह्न भोजन, साइकिल व खेल सामग्रियां व अन्य सहायता सामग्री देकर उन्हें उत्साहित किया जा रहा ह, लेकिन खेल मैदान के अभाव में स्कूली बच्चे हमेशा मायूस रहते हैं। कुछ बच्चे पास के गांव के स्कूल मैदान में तो कुछ सड़क पर ही खेलते नजर आते हैं।


नियमों की अनदेखी


खेल-खेल में बच्चों को शिक्षा दिए जाने का प्रावधान है। वहीं बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए निजी स्कूल तक में में खेलकूद गतिविधियां कराने के लिए मैदान की अनिवार्यता रखी गई है। जहां मैदान न हो शिक्षा विभाग ऐसे स्कूलों में सख्त कार्रवाई भी करने से नहीं चूकती है, लेकिन जिले के प्राइमरी स्कूल रामाटोला के बच्चें चाह कर भी खेल अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं। स्कूल के सामने सड़क और शेष तीन हिस्सों में खेत और उसमें लगी फसलें है। खेलने के लिए यहां रत्तीभर जगह नहीं है।

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