
हिमाचल प्रदेश की पूर्व राज्यपाल उर्मिला सिंह दिवंगत
सिवनी. मध्यप्रदेश सरकार में दो बार मंत्री रहीं, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व हिमाचल प्रदेश की पूर्व राज्यपाल उर्मिला सिंह की बीमारी के बाद मंगलवार को इंदौर में निधन हो गया। लंबे समय से उनका उपचार इंदौर के बाम्बे अस्पताल में चल रहा था।
विधानसभा क्षेत्र लखनादौन के विधायक योगेन्द्र सिंह बाबा की मां उर्मिला सिंह के निधन की खबर सुनते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं में शोक की लहर दौड़ गई। ब्लॉक कमेटी घंसौर सहित सभी ग्राम पंचायतों में उनके निधन की खबर के बाद सियापा पसर गया है। जिलेभर में चल रही भाजपा की विकास यात्रा को दो दिन के लिए टाल दिया गया है। इसको उनके निधन से जोड़कर देखा जा रहा है। पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक उर्मिला सिंह का पार्थिव शरीर उनके गृहग्राम घूरवाड़ा लाया जाएगा जहां गुरुवार 31 मई को सुबह 11 बजे अंतिम संस्कार होगा।
दिवंगत उर्मिला सिंह मध्यप्रदेश के कई सामाजिक स्वैच्छिक संगठनों से जुड़ी रही हैं। वे मध्यप्रदेश राज्य समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष और सांसद अनुसूचित जाति कल्याण सलाहकार समिति की सदस्य थीं। इसके अलावा उर्मिला सिंह उज्जैन नागरिक फोरम की संस्थापक अध्यक्ष और आदिवासी महिलाओं के लिए सांसद संगठन की अध्यक्ष रही हैं।
वर्ष 1985 में उर्मिला सिंह मध्यप्रदेश विधानसभा घंसौर के लिए निर्वाचित हुई थीं। वर्ष 1990 में पुन: चुनी गई और वर्ष 2003 तक विधायक रहीं। इस अवधि के दौरान वह प्रदेश सरकार में दो बार मंत्री बनीं। सबसे पहले वर्ष 1993 में उनको वित्त और डेयरी विकास राज्य मंत्री का पद (पोर्टफोलियो) दिया गया था, जहां पर उन्होंने वर्ष 1995 तक सेवा की। इसके बाद वर्ष 1998 में समाज कल्याण और जनजातीय कल्याण मंत्री बनाया गया, जहां पर उन्होंने वर्ष 2003 तक कार्यभार संभाला। वर्ष 2007 में भारत सरकार ने उनको भारतीय संविधान के अनुच्छेद 338-ए के तहत स्थापित एक संवैधानिक आयोग के द्वारा भारतीय अनुसूचित जनजातियों की राष्ट्रीय समिति के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया।
25 जनवरी 2010 को उन्होंने हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल का पद ग्रहण किया था। राज्यपाल के रूप में उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में कुलपति का पद ग्रहण किया। हिमाचल में डॉ. वाईएस परमार यूनिवर्सिटी ऑफ हॉर्टिकल्चर एंड फॉरेस्ट्री और जेपी विश्वविद्यालय ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी दोनों की कुलपति (चांसलर) रही। इसके अलावा भारतीय रेड क्रास सोसाइटी और बाल कल्याण के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य परिषद की अध्यक्ष रही। उर्मिला सिंह राज्य में अनुसूचित और आदिवासी क्षेत्रों की व्यवस्थापक भी रहीं।
उनका जन्म छह अगस्त 1946 को रायपुर जिले के गांव फिंगेश्वर में हुआ था, जो पहले मध्यप्रदेश का हिस्सा था। लेकिन अब नए राज्य छत्तीसगढ़ का हिस्सा है। उर्मिला सिंह स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार से संबंधित हैं। उर्मिला सिंह के दिवंगत पति वीरेन्द्र बहादुर सिंह संसद और विधानसभा के सदस्य और सरायपल्ली के पहले राजा थे। उर्मिला सिंह के दो बेटे धर्मेंद्र सिंह और योगेंद्र सिंह एवं एक बेटी रचना सोधी हैं।
उनके विधायक पद के कार्यकाल में घंसौर क्षेत्र को अनेक सौगात मिली थीं। घंसौर क्षेत्र की जनता में आज भी उनके लिए वही सम्मान है। उर्मिला सिंह वर्ष 2003 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद वरिष्ठ कांग्रेसी आदिवासी नेत्री होने के नाते हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल बनी। क्षेत्र के लोग उर्मिल सिंह को प्यार से बाई, दीदी, बुआ कहकर संबोधित करते थे।
Published on:
29 May 2018 09:03 pm
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