बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं के सपनों को साकार करने और बेटियों के विवाह की फिक्र को दूर करने के लिए डाक विभाग ने सुकन्या समृद्धि योजना शुरू की है। बेटियों की फिक्र करते हुए केन्द्र सरकार द्वारा शुरू की गई योजना के 11 माह हो चुके हैं,लेकिन 1930 बेटियों के खाते ही इस योजना में खुले हैं। अहम और खास बात यह है कि सरकार डाकघर के माध्यम से बेटियों के खातिर सरकारी बैंक और निजी बैंकों से ज्यादा ब्याज दिए जाने के बाद भी माता-पिता इस योजना में दिलचस्पी न लेकर बेफिक्र नजर आ रहे हैं।