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भगवान शंकर कल्याण के देव

धूमधाम से मनाया गणेश जन्मोत्सव

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भगवान शंकर कल्याण के देव

सिवनी. प्राचीन शिवमंदिर प्रांगण में आयोजित शिवमहापुराण की कथा के दौरान बालव्यास ओमशंकर महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुजनों को बताया कि शिव परिवार के सभी सदस्य एवं श्रृंगार सभी पूज्यनीय हैं। तथा गणेशजन्म की कल्पभेद अनुसार विविध मार्मिक कथाएं सुनाई। इसी दौरान श्रीगणेश की जीवंत झांकी धूमधाम से ढोल नगाड़े के साथ निकाली गयी।
महाराज ने बताया कि श्रावण मास में शिव महापुराण सुनने से लाभ मिलता है। भगवान शंकर कल्याण के देव हैं। कलिकाल के दोष उनकी आराधना मात्र से दूर हो जाते हैं। सांसरिक वस्तुओं की कामना करना ही दु:खों का मूल कारण है। सांसरिक सुखों एवं भोगों को भोगने की जैसे ही प्राणी के मन में कामना होती है, तो वह प्राणी परमात्मा से मुंह फेरकर अच्छे-बुरे व पाप एवं पुण्य का विचार किए बिना ही काम करना आरम्भ कर देता है। जैसे-जैसे सांसारिक वस्तुओं की कामना बढ़ती है, वैसे-वैसे ही प्राणी व्याकुल होकर क्रोध के वशीभूत होकर कुमार्ग पर चल देता है जिससे वह दुखों को भोगता है। शिवपुराण की कथा से ज्ञान की प्राप्ति होती है। ज्ञान से वैराग्य और वैराग्य से प्राणी सभी बंधनों से मुक्त हो जाता है।
गणेश स्वरूप झांकी का पूजन नगर के अशोक अग्रवाल, ठा. शिवहरि, रमेश पाटर, अनिल अग्रवाल, सुनील अग्रवाल, प्रकाश नारायण पाठक आदि ने गणेश पूजन किया। रसिक महाराज ने गणेशजन्म के उपलक्ष्य में हृदय स्पर्शी भजन की प्रस्तुति की जिसे सुनकर श्रोता समुदाय भाव विभोर हो गए। इसके पश्चात कृष्ण रसिक ने शिव की अनेक कथाएं कहीं इसके बाद शिव तांडव नृत्य सिवनी से पधारे बाल स्वरूप सोमेश दीक्षित ने किया।
मठ मंदिर में शिवअभिषेक करने पहुंचे श्रद्धालुजन
श्रावण मास में शिव की पूजा, शिव अभिषेक का विशेष महत्व है। नगर के ऐतिहासिक मठ मंदिर में सावन मास में नगर समेत आसपास के गांवों से शिव अभिषेक करने श्रद्धालुजन पहुंचकर भगवान शिव की पूजा की। नगर के सचेन्द्र मिश्रा, सोनल मिश्रा, पूनम, रमेश ने बताया कि प्राचीन ऐतिहासिक मठ मंदिर में सावन भर यहां बड़ी संख्या में शिव पूजन करने लोग पहुंचते हैं।