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टमाटर फसल की ऐसे करें सुरक्षा

कृषि वैज्ञानिक दे रहे आवश्यक सलाह

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Sunil Vandewar

Jul 12, 2016

tomato

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सिवनी.
टमाटर की फसल किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। इन दिनों बाजार में टमाटर की कीमतें 60 से 100 रुपए किलो तक पहुंच रही हैं। ऐसे में टमाटर की फसल को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक उपाय किए जाने की सलाह कृषि विज्ञान केन्द्र सिवनी के कृषि वैज्ञानिक डॉ एनके सिंह द्वारा दी जा रही है।

टमाटर की अगेती फसल में समेकितनाशी जीव प्रबंधन के विषय में कृषि वैज्ञानिक ने किसानों को उद्यानिकी फसल बचाने की सलाह देते कहा है कि नर्सरी के दौरान अच्छी जल निकासी एवं जड़ सडऩ रोग के बचाव के लिए जमीन से 15 से 20 सेमी ऊंची क्यारी बनाकर ही नर्सरी की बुआई करना चाहिए। नर्सरी में ट्राइकोडर्मा बिरडी की 250 ग्राम मात्रा को 3 किलो गोबर की सड़ी हुई बारिक खाद में अच्छी प्रकार मिलाकर 1 सप्ताह के लिए छोड़ दें। बाद में 3 वर्गमीटर की क्यारी में मिट्टी मिला दें।

पर्ण कुंचन (चुर्रामुर्रा) के प्रबंधन के लिए 0.40 मिमी मोटी नाइलोन जाली का इस्तेमाल कर नर्सरी में आद्र गलन रोग से बचाव के लिए कॉपर ऑक्सीक्लोराइट 0.3 प्रतिशत का छिड़काव करना चाहिए। मुख्य फसल लगाने के पहले की पौध को रोपने से पूर्व इमिडाक्लोप्रिड 17.5 एमएल 1 मिली दवा को 3 लीटर पानी में घोलकर 15 मिनिट तक डुबोकर रखना चाहिए। बैक्टीरियल जीवाणु उक्ठा सूखा रोग नियंत्रण के लिए ब्लीचिंग पावडर 5 किग्रा प्रति हेक्टयेर के हिसाब से खेत में छिड़काव कर सकते हैं।

कृषि वैज्ञानिक ने कहा कि टमाटर की प्रत्येक 16 पंक्तियों के बाद गेंदे की 1 पंक्ति फसल प्रपंच के रुप में उगानी चाहिए। शुंडि अंडे देने के लिए गेंंदे की फूल की तरफ आकर्षित होती है। बीमारियों के फैलाव से बचाव के लिए टमाटर की किस्मों के लिए पंक्ति से पंक्ति एवं पौधे से पौधे की दूरी 40 बाई 45 सेमी तथा संकर प्रजातियों के लिए 90 बाई 60 सेमी रखना चाहिए। सूत्रकृमियों के प्रकोप को कम करने के लिए 100 किग्रा प्रति एकड़ नीम की खली खेत में डाल सकते हैं। टमाटर की फसल में परजीवी पक्षियों को बैठने के लिए टी-आकार की खूंटियां खेत में लगाना चाहिए। टमाटर की फसल को पौध रोपने के लिए 15 दिन बाद पर्ण सुरंग कीट एवं सफेद मक्खी नियंत्रण के लिए इमिडाक्लोप्रिड का छिड़काव करना चाहिए।

कृषि वैज्ञानिक ने कहा कि टमाटर फसल में 4 प्रतिशत नीम बीज अर्क सत का प्रयोग कर सकते हैं। अगेती झुलसा नियंत्रण के लिए क्लोरोथेलोनिल 0.2 प्रतिशत या एजॉक्सीएस्ट्रोबिन 23 प्रतिशत 1 ग्राम या हैक्साकोनाजोल 0.2 प्रतिशत या प्रोपीकोनाजोल 0.1 प्रतिशत का प्रति लीटर पानी की दर से छिड़काव कर सकते हैं। फल भेदक इल्ली नियंत्रण के लिए खेत में गंध पास (फेरोमैनट्रेप) लगाएं तथा 15-20 दिन के अंतराल में इस ल्यूर को बदलते रहना चाहिए। फल भेदक ग्रसित फलों को इकट्ठा करके नष्ट कर देना चाहिए एवं आवश्यकता अनुसार रायनाएक्सपायर 20 ईसी 0.5-0.6 मिली प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करना चाहिए। टमाटर फसल में मकड़ी नियंत्रण के लिए फैनाजाक्विन का छिड़काव कर सकते हैं।

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