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2013 में स्वीकृत हुई थी कांचना मंडी परियोजना, नहरों का काम वर्षों से अधूरा

मप्र पिछडा वर्ग आयोग के अध्यक्ष ने किया निरीक्षण, दिए निर्देश

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minor canal, water, sowing, farmer, news

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सिवनी. जिले की बरघाट विकासखण्ड क्षेत्र के कांचना मंडी जलाशय क्षेत्र की नहरों का निर्माण कार्य वर्षों बाद भी अधूरा है। इसे शीघ्र ही पूर्ण किया जाएगा। जिसका फायदा क्षेत्र के लोगों को मिलना प्रारंभ हो जाएगा। इस जलाशय के निर्माण के पूर्ण होने में जो भी दिक्कतें आ रही हैं। उन्हे शीघ्र ही दूर कर लिया जाएगा। यह बात मप्र पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष गौरीशंकर बिसेन ने कांचना मंडी जलाशय के निरीक्षण के बाद सामने आई खामियों के संबंध में कही। उन्होंने बुधवार को मौके के हालात देखकर काम में देरी पर नाराजगी जाहिर की थी।
कांचना-मंडी जलाशय निर्माण कार्य का निरीक्षण कर बिसेन ने बताया कि कांचना मंडी जलाशय में अभी कुछ निर्माण कार्य अधूरे हैं, जिनमें प्रमुख रूप से नहरों-दीवारों का सीमेन्टीकरण, बिजली लाइन जैसे कई अहम कार्य अभी पूर्ण होना शेष है। जिसके लिए हमने रिवाइज डीपीआर जो कि बहुत दिनों से पंैडिंग पड़ा हुआ है, उसे लेकर सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव एसएल मिश्रा से बात की है, किन्तु वे चूंकि उस समय समिट मे थे, इसलिए उनसे पुन: चर्चा की जाएगी। साथ ही बताया कि बकाया निर्माण कार्य को लेकर कलेक्टर, सीईओ एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों को टीएस जारी करने को भी कहा है।

2013 में स्वीकृत हुई थी कांचना मंडी परियोजना
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2013 में कांचना मंडी जलाशय निर्माण कार्य के लिए 100 करोड से अधिक लागत की यह परियोजना स्वीकृत हुई थी। 2018 में जलाशय का कार्य पूर्ण किया गया था, किन्तु नहरों का कार्य अब भी अधूरा है। कांचना मंडी जलाशय निर्माण कार्य का निरीक्षण करने के बाद बिसेन ने सिंचाई विभाग एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए अधूरे निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण करवाने को कहा। जिसका लाभ क्षेत्र के किसानो को मिल सके ओर सरकार ने जिस उददेश्य के साथ इस परियोजना को स्वीकृति दी थी उसका उददेश्य पूर्ण हो सके।