
कांवड़ यात्रा के पहले वैनगंगा उद्गम पर आरती।
सिवनी. सावन महीने में धर्म और आस्था से भरे सनातन धर्मियों की कांवड़ यात्रा जिले से प्रवाहित नदियों के तट से आरम्भ हो रही है। रविवार को वैनगंगा, नर्मदा नदी तटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और कांवड़ में जल भरकर बोल बम, हर-हर महादेव के जयकारे लगाते शिवालयों की ओर निकले।
वैनगंगा नदी के उद्गम स्थल मुंडारा धाम से गुरु रत्नेश्वर धाम दिघौरी के लिए रविवार को कांवड़ यात्रा आरंभ हुई। धर्म और आस्था की कांवड़ यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और सिवनी विधायक दिनेश राय शामिल हुए। वैनगंगा के उद्गम स्थल पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां विधिवत दुग्ध अभिषेक, पूजन, आरती कर सभी के सुख, शांति व समृद्धि की मंगल कामना के संकल्प के साथ कराई। इसके बाद वैनगंगा उद्गम स्थल की परिक्रमा कर बम-बम भोले के जयघोष से धर्म और आस्था की पवित्र कांवड यात्रा को आरंभ किया। प्रारंभ हुई कांवड़ यात्रा पूर्व निर्धारित मार्ग से होते हुए ग्राम छीतापार, गोंडेगांव तथा ग्राम कलबोड़ी के श्रीराम मंदिर में पूजन उपरांत ग्राम गोपालगंज, बडक़ुमारी, मोहगांव से होते हुए प्रथम दिवस संध्या समय मातृधाम कातलबोड़ी पहुंची। जहां कांवडियों ने मंदिर में विराजित माता त्रिपुरसुंदरी का पूजन किया। इसके उपरांत मंदिर परिसर में रात्रि भोजन प्रसाद प्राप्त कर रात्रि विश्राम कर रहे हैं। यात्रा के दौरान ग्रामीण जनों ने जगह-जगह फूल बरसाकर कांवडिय़ों का स्वागत किया।
सभी शिवभक्त कांवडिय़े सोमवार की सुबह पुन: मंदिर में माता रानी के दर्शन व पूजन कर यात्रा प्रारंभ कर ग्राम करहैया, जैतपुर, खैरी, भाटीवाडा, मुंगवानी, सापापार, चौड़ा होते हुए गुरुरत्नेश्वर धाम दिघौरी पहुंचेंगे। जहां पर कांवण में भरकर लाए गए मां वैनगंगा के पवित्र जल से विराजमान भगवान भोलेनाथ के विश्व प्रसिद्ध पारदर्शी स्फटिक शिवलिंग का मंत्रोच्चार के बीच जलाभिषेक पूजन किया जाएगा। इसके बाद भंडारा प्रसाद ग्रहण कर यात्रा पूरी करेंगे।
वैनगंगा जल से मठ सरकार का किया अभिषेक
आद्य शंकराचार्य द्वारा स्थापित सिद्धपीठ मठ मंदिर महाकाल समिति के तत्वावधान में रविवार को छिंदवाड़ा रोड स्थित वैनगंगा नदी के तट लखनवाड़ा से कांवड़ यात्रा निकाली गई। सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु महिला-पुरुष, युवा, बच्चे कांवड़ लेकर यात्रा में शामिल हुए। बोल बम, हर-हर महादेव का जयकारा लगाते शिवभक्तों ने पैदल कांवड़ यात्रा करते मठ सरकार के दरबार पर पहुंचकर यात्रा पूरी की गई।
कांवड़ यात्रा के आगे चल रहे डीजे पर भोलेनाथ के भजन गूंज रहे थे। जिस पर कांवडिय़े उत्साह से नाचते-गाते, जयकारे लगाते आगे बढ़ते चले। मठ मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जल अभिषेक किया गया। इसके उपरांत सभी को महाप्रसाद का वितरण हुआ। लखनवाड़ा से मठ मंदिर तक कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित शिवभक्तों का स्वागत किया गया। लोगों ने जल, फल का वितरण व फूल बरसाए गए। मार्ग पर कांवड़ यात्रियों की सुविधा व सुरक्षा के लिए कोतवाली पुलिस बल की भी मौजूदगी रही।
चल रहा अखंड पाठ, हो रहे शिव दर्शन
सिद्धपीठ मठ मंदिर में 31वें वर्ष में संपूर्ण श्रावण मास अखंड रामायण पाठ का आयोजन हो रहा है। इस आयोजन में दिन-रात बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहकर रामायण पाठ कर रहे हैं। वहीं मठ सरकार के प्रतिदिन अलग-अलग तरह से श्रृंगार कर आरती, पूजन किया जा रहा है। मंदिर परिसर में विभिन्न प्रकार की कबाड़ सामग्री से 15 फीट की भोलेनाथ की आकृति बनाई गई है। श्रद्धालुओं के लिए यह भी आस्था और आकर्षण का केन्द्र बनी हुई है।
Published on:
13 Aug 2024 06:55 pm
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