
Fruits flourishing in the name of treatment, administration muted
सिवनी. संविदा स्वास्थ्य कर्मी की हड़ताल के चलते जिला अस्पताल के पोषण पुर्नावास केंद्र के वार्ड में ताला लगा है। 19 फरवरी से यहां कार्यरत सभी संविदा स्वास्थ्य कर्मी के हड़ताल पर चले जाने से एक मार्च से एक भी कुपोषित बच्चों को भर्ती नहीं किया गया है। वहीं बुधवार को 15 दिन पहले जिन कुपोषित बच्चों की यहां छुट्टी हुई थी ऐसे बच्चों का फालोअप लिया जाएगा। जिसमें रेग्यूलर महिला स्वास्थ्य कर्मी की सीमित संख्या के चलते यह कार्य भी निश्चित रूप से प्रभावित होगा।
हड़ताल के समय फरवरी माह में यहां 30 कुपोषित बच्चे भर्ती थे। जिन्हें एक मार्च को यहां से छुट्टी दे दी गई थी। वहीं सात मार्च से रेग्यूलर एएनएम स्वास्थ्य कर्मी के भी हड़ताल पर चले जाने से स्थिति और भी गंभीर हो गई है। जिसके चलते कुपोषित वार्ड में वर्तमान में एक भी बच्चा नहीं है।
सभी हड़ताल पर
पोषण पुर्नावास केंद्र में दो कुक, दो केयर टेकर, एक एफडी और एक स्वीपर समेत छह संविदा स्वास्थ्य कर्मी अपनी सेवाएं दे रहे थे। जिनके हड़ताल पर चले जाने से यहां का कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया है। यहां एक बच्चे को 14 दिन रखते हैं और मां को भोजन यहीं से मिलता है। बच्चे की छुट्टी के बाद 15-15 दिन में चार बार फालोआप लिया जाता है। वहीं हड़ताल की अवधि पर 28 फरवरी को फालोअप हुआ था और अब बुधवार 14 मार्च को फालोअप होगा।
टीकाकरण कार्य प्रभावित
कुरई. विकासखण्ड कुरई में स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल के चलते गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं ठप हो गई हैं। इससे पल्स पोलियो कार्यक्रम बुरी तरह प्रभावित हुआ है। 14 मार्च 18 में होने वाले नियमित टीकाकरण कार्य भी बुरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं। गर्भवती महिलाओं और माताओं को टीका लगाने का कार्य भी प्रभावित है। कुरई ब्लॉक के सभी 30 उपस्वास्थ्य केंद्रों के स्वास्थ्य कर्मी हड़ताल पर हैं। इन तीनों केंद्रों पर होने वाले नियमित टीकाकरण सत्र प्रभावित होंगे। इससे ब्लॉक के सभी 180 गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं लडख़ड़ा गई हैं।
Published on:
14 Mar 2018 04:00 pm
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