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एक जुलाई से शुरु होंगी जिले के 86 स्कूलों में प्री-प्रायमरी कक्षा

सिवनी. आने वाली एक जुलाई से जिले के 86 सरकारी स्कूलों में नर्सरी, केजी-1, केजी-2 कक्षा की शुरुआत होने जा रही है। इन कक्षाओं में तीन से पांच वर्ष आयु के सभी बच्चों का नामांकन कर नियमित खेल-खेल में पढ़ाई, चित्रकारी, सामान्य ज्ञान और मिट्टी-कागज के खिलौने बनाना सिखाया जाएगा। शासन ने शासकीय स्कूलों में […]

सिवनीJun 15, 2024 / 05:07 pm

sunil vanderwar

शासकीय प्राथमिक शाला।

शासकीय प्राथमिक शाला।

सिवनी. आने वाली एक जुलाई से जिले के 86 सरकारी स्कूलों में नर्सरी, केजी-1, केजी-2 कक्षा की शुरुआत होने जा रही है। इन कक्षाओं में तीन से पांच वर्ष आयु के सभी बच्चों का नामांकन कर नियमित खेल-खेल में पढ़ाई, चित्रकारी, सामान्य ज्ञान और मिट्टी-कागज के खिलौने बनाना सिखाया जाएगा। शासन ने शासकीय स्कूलों में प्री-प्रायमरी स्कूल शुरु करने की योजना बनाई है। जिसके तहत जिले के चयनित 86 स्कूलों में प्री-प्रायमरी कक्षाएं शुरु हो रही हैं। चयनित स्कूलों में विभिन्न व्यवस्थाओं के साथ शिक्षक की उपलब्धता आदि देखी जा रही है।

चयनित स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाओं की शुरुआत के तहत सिवनी व लखनादौन में सर्वाधिक 18 स्कूल शामिल हैं। सबसे कम सात-सात कक्षाएं छपारा, घंसौर और धनौरा में रहेंगी। इस प्रयोग के सफल होने पर अगले सत्र में इसका विस्तार होगा। स्कूलों की शुरुआत के पहले विभाग पूरी तैयारियां करना चाह रहा है। राज्य शिक्षा केंद ने इसके लिए मानक भी तय कर दिए हंै।

चार घंटे के स्कूल टाइम में होंगी ये गतिविधि-
प्री-प्रायमरी कक्षाओं के लिए चार घंटे का प्रतिदिन का स्कूल टाइम तय किया गया है। जिसमें सुबह 10.30 बजे से 10.50 बजे तक स्वागत व प्रार्थना गतिविधि के तहत नियमित प्रार्थना करना, बच्चों की शारीरिक व आसपास के स्वच्छता की जांच करना सिखाया जाएगा। सुबह 10.50 से 11.10 बजे तक शिक्षक व बच्चों के बीच वार्तालाप के अंतर्गत प्रतिदिन अलग-अलग विषयों पर बातचीत करेंगे, जैसे भोजन, हवा, पानी, वन, सब्जी, पेड़-पौधे आदि। 11.10 से 11.30 बजे तक सचित्र वार्तालाप के अंतर्गत प्रतिदिन अलग-अलग तरह के चिऋ दिखाकर रंग, आकार, आकृति, संख्या आदि विषयों पर बातचीत होगी। 11.30 से 11.40 तक 10 मिनट का अवकाश दिया जाएगा। 11.40 से 12 बजे तक रचनात्मक कार्य के अंतर्गत रंग भरना, कागज व आसपास की अन्य चीजों से नई सामग्री बनाने, जैसे नाव, फिरकनी, चिडिय़ा, जहाज आदि बनाना सीखेंगे। दोपहर 12 बजे से 12.30 तक कविता, गीत, कहानी, पहेली बूझना, नाटक, एकांकी सिखाई जाएगी, ताकि बच्चों में भाषा का विकास हो। 12.30 से एक बजे तक भोजन अवकाश दिया जाएगा। दोपहर एक बजे से 1.30 तक संख्या पूर्व अवधारणा के अंतर्गत आकार सम्बंधी समझ विकसित करने ऊंचा-नीचा, छोटा-बड़ा, कम-ज्यादा, मोटा-पतला आदि समझाया जाएगा। इसके साथ ही हिन्दी व अंग्रेजी में ध्वनि की पहचान, वर्ण, आकृति की पहचान बताई जाएगी। 1.20 से 1.40 बजे तक पहेली बूझना, समस्या समाधान, पजल्स के खेल के माध्यम से क्रम की समझ, वर्गीकरण, निरीक्षण, दृश्य व ध्वनि में अंतर करना बताया जाएगा। 1.40 से 150 तक 10 मिनट का पुन: अवकाश। 1.50 से 2.10 बजे तक संख्या की समझ के अंतर्गत चित्र गिनना, संख्या मिलान करना, संख्या लिखना सिखाएंगे। साथ ही हिन्दी व अंग्रेजी में शब्दों कही पहचान व लेखन अभ्यास कराया जाएगा। 2.10 से 2.30 तक सृजनात्मक गतिविधि के अंतर्गत बच्चे चित्र बनाना, अधूरे चित्र पूरे करना, मिट्टी व कागज के खिलौने बनाना सीखेंगे। दोपहर 2.30 से 2.45 बजे तक प्रार्थना के बाद प्रतिदिन की कक्षा का समापन होगा। प्री-प्रायमरी स्कूल में नर्सरी के लिए तीन साल, केजी-वन के लिए चार साल और केजी-टू के लिए पांच साल के बच्चों का प्रवेश लिया जाएगा।

इन स्कूलों में शुरु होगी प्री-प्रायमरी कक्षा-
सिवनी विकासखण्ड के चयनित शासकीय स्कूलों में ग्राम बीसावाड़ी, डूण्डासिवनी, जैतपुरकला, झीलपिपरिया, कलारबांकी, खैरी, महात्मा गांधी स्कूल सिवनी, हथनापुर, कातलबोड़ी, पीपरडाही, कन्या मठ सिवनी, कन्या उर्दू सिवनी, नेताजी सुभाष स्कूल सिवनी, मारबोड़ी, परासिया, समनापुर, छतरपुर।बरघाट विकासखण्ड के ग्राम अतरी, पौनिया, टिकारी, बिरहोली, कांचना। छपारा विकासखण्ड के ग्राम जोगीवाड़ा-सागर, पांडीवाड़ा, देवगांव, छपारा, लाटगांव, सादकसिवनी, उत्कृष्ट छपारा। धनौरा विकासखण्ड के ग्राम गोरखपुर, हरदुली, बेगरवानी, बोरिया, कुड़ारी, मुर्गहाई, जामुनपानी। घंसौर विकासखण्ड के ग्राम बगदरी, बालपुर, सारसडोल, कन्या शाला घंसौर, गोरखपुर, किंदरई, मेहता। केवलारी विकासखण्ड के अर्जुनझिर, बगलई, चिरचिरा, घूरवाड़ा, खैरापलारी, कनारी, सकरी, जितर्रा, लोपा। कुरई विकासखण्ड के घाटकोहका, बेलपेठ, तुईयापानी, ऐरमा, बकोड़ी, पीपरवानी, रिड्डी, सिल्लौर, सुकतरा, टुरिया। लखनादौन विकासखण्ड के पटरी, पौंडी, बीबी, जुगरई, पिंडरई, सहसना, सनाईडोंगरी, संगई माल, आदेगांव, बैगापिपरिया, बाम्हनवाड़ा, दरगड़ा, धनककड़ी, गणेशगंज, धूमा, कन्या लखनादौन, खमरिया गोसाईं, सिहोरा। बरघाट विकासखण्ड के चिमनाखारी, अरी, बुढैनाकला, कन्या शाला बरघाट, ताखलाकला स्कूल के नाम शामिल हैं।
इनका कहना है –
चयनित स्कूलों में एक अपे्रल से प्री-प्रायमरी कक्षाएं शुरू होनी है। समय सारणी में समय-समय पर परिवर्तन कर रोचक व प्रभावी गतिविधियों से कक्षा लगाई जाएंगी। प्री-प्रायमरी कक्षाओं के सतत व प्रभावी संचालन के लिए जनशिक्षक केन्द्र स्तर पर 15-15 दिन में मॉनिटरिंग करते हुए कठिनाई को शाला स्तर पर दूर करेंगे। धनराजू एस, संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल
जिले की चयनित 86 शाला में सभी जरूरी व्यवस्था के लिए सभी बीआरसीसी की बैठक लेकर कहा गया है। चिन्हित स्कूलों में कमरों की संख्या, शिक्षकों की व्यवस्था समेत अन्य सुविधाओं और बच्चों की संख्या की रिपोर्ट भोपाल भेज दी गई है। राज्य शिक्षा केंद्र के निर्देशों के अनुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
महेश बघेल डीपीसी, सिवनी

ब्लॉक में चयनित स्कूलों की संख्या

ब्लॉक चयनित स्कूल
बरघाट 10
छपारा 7
धनौरा 7
घंसौर 7
केवलारी 9
कुरई 10
लखनादौन 18
सिवनी 18
कुल 86

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