
सिवनी. मप्र शासकीय स्वशासी चिकित्सक महासंघ के आव्हान पर जिले के शासकीय स्वशासी चिकित्सकों ने विभिन्न मांगों को लेकर गुरुवार से चरणबद्ध प्रदर्शन शुरु कर दिया। पहले दिन जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने हाथ में काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। इस दौरान चिकित्सा सेवा जारी रही। शुक्रवार को भी डॉक्टर्स ऐसे ही विरोध जताएंगे। 22 फरवरी को आधे घंटे का विरोध प्रदर्शन होगा। इस दौरान अमानक दवाइयों की सांकेतिक होली जलाई जाएगी। 24 फरवरी को प्रदेशव्यापी सामूहिक उपवास के साथ एक घंटे का प्रदर्शन होगा। 25 फरवरी से उग्र आंदोलन शुरू होगा। सभी प्रदर्शनों के दौरान इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेंगी। डॉक्टरों का कहना है कि डेढ़ साल से उनकी मांगें लंबित हैं। उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद भी उच्च स्तरीय कमेटी नहीं बनाई गई। यह समस्या प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में है। डॉक्टरों की प्रमुख मांगों में चिकित्सा महासंघ के साथ उच्च स्तरीय समिति का गठन शामिल है। विभागों में प्रशासनिक हस्तक्षेप बंद किया जाए। 7वें वेतनमान का लाभ और एनपीए के साथ मूल वेतन तय किया जाए। समयमान वेतनमान के आदेशों को तुरंत लागू किया जाए। स्वास्थ्य विभाग में डायरेक्टर जनरल के पद बनाए जाएं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बनी नेशनल टास्क फोर्स की रिपोर्ट को तत्काल लागू करने की मांग भी की गई है। इसमें चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की सुरक्षा की व्यवस्था शामिल है। इसके लिए अतिरिक्त बजट की मांग की गई है।
Published on:
21 Feb 2025 02:58 pm
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