
सिवनी. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे नागपुर मंडल के अंतर्गत भंडारकुंड से भिमालगोंदी घाट सेक्शन में रेलवे की एक बड़ी घटना उजागर हुई है। मामला 27 मई का है। इस दिन तेज आंधी एवं बारिश की वजह से लगभग डेढ़ कुंतल का पत्थर पहाड़ से टूटकर रेलवे ट्रैक पर जा गिरा। इसी दौरान रात 8.30 बजे इतवारी से पैसेंजर ट्रेन यहां से गुजरी। अंधेरा होने से लोको पायलट को पत्थर दिखाई नहीं दिया। ऐसे में इंजन पत्थर को रौंदते हुए लगभग दो सौ मीटर आगे बढ़ गया। पत्थर रोल होते हुए दो बोगियों के नीचे भी पहुंच गया। इंजन और पत्थर की रगड़ की वजह से रेलवे ट्रैक पर बिछा सीमेंटेंड स्लैप भी क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत थी कि कोई बोगी पटरी से नहीं उतरी, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। पत्थर की रगड़ से इंजन क्षतिग्रस्त हो गया और आगे रूक गया। यात्रियों की मदद से किसी तरह पत्थर हटाया गया और फिर छिंदवाड़ा से रेलवे विभाग की टीम इंजन लेकर पहुंची। व्यवस्था बनाने के बाद ट्रेन को देर रात छिंदवाड़ा के लिए रवाना किया गया। ट्रेन निर्धारित समय शाम 7.50 बजे की जगह रात एक बजे छिंदवाड़ा स्टेशन पहुंची। यात्री लगभग साढ़े तीन घंटे घाटी में ट्रेन में ही फंसे रहे। इस दौरान काफी अफरातफरी का भी माहौल रहा।
नहीं लगाई गई थी जालियां
ट्रैक पर पत्थर गिरने की घटना के बाद रेलवे प्रशासन सकते में आ गया। बताया जाता है कि जिस जगह पत्थर गिरा वहां पर पत्थरों को गिरने से रोकने के लिए जालियां नहीं लगाई गई थी। वहीं पेट्रोलिंग पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
डीआरएम ने निरीक्षण कर जांची खामियां
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे नागपुर मंडल के डीआरएम दीपक गुप्ता ने पत्थर गिरने की घटना के बाद बीते शनिवार को इतवारी से सिवनी तक फुट प्लेटिंग निरीक्षण किया। इंजन में खड़े होकर सेक्शन में किसी भी हादसे की संभावना को लेकर खामियां जांची और आवश्यक निर्देश अधिनस्थ अधिकारियों को दिए।
इनका कहना है…
आंधी और बारिश की वजह से रेलवे ट्रैक पर पत्थर गिर गया था। इंजन क्षतिग्रस्त हुआ था। भविष्य में ऐसी घटना न हो इसके लिए जालियां लगाई जा रही हैं।
सुरेश कुमार सिंह, डीईएन, दपूमरे नागपुर मंडल
Updated on:
10 Jun 2025 01:08 pm
Published on:
10 Jun 2025 01:08 pm
