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गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन 28 तक, अब तक 4300 किसानों का हुआ पंजीयन

लघु और सीमांत किसानों को मिलेगा पीएम किसान मानधन योजना का लाभ - कॉमन सर्विस सेंटर पर कराना है किसानों को पंजीयन

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Fog and rain will harm farmers' crops

कोहरे और बारिश से किसानों की फसल को होगा नुकसान

सिवनी. रबी विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए जिले के किसानों की पंजीयन प्रक्रिया एक फरवरी से प्रारंभ कर दी गई है। किसान अपना पंजीयन 28 फरवरी तक संबंधित समितियों, एमपी किसान ऐप एवं ई-उपार्जन पंजीयन ऐप के माध्यम से कर सकते हैं। इसकी जानकारी जिला आपूर्ति अधिकारी सनद मिश्रा ने दी है।


बताया कि जिले में अब तक चार हजार 300 किसानों ने गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन कराया है। इस उपार्जन वर्ष शासन द्वारा किसानों की सुविधा के लिए पंजीयन साधनों को विस्तारित किया गया है। इसमें मोबाइल एप्लीकेशन एवं वेब एप्लीकेशन शामिल गया है। किसान भाई एमपी किसान ऐप एवं ई-उपार्जन पंजीयन ऐप को एंड्रायड बेस्ड मोबाइल पर गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं।

ऐप डाउनलोड होने के उपरांत किसान पंजीयन के लिए सर्वप्रथम ग्राम एवं खसरा का चयन करना होगा। खसरे में उल्लेखित रकबा एवं फसल से सहमत होने पर किसान के आधार नम्बर ओटीपी आधारित सत्यापन किया जाएगा तथा किसान का मोबाइल, आधार नंबर एवं बैंक खाता नंबर की प्रविष्टि की जाएगी। उक्त प्रविष्टियों के उपरांत किसान ऐप के डाटा कस्टोडियन राजस्व विभाग द्वारा वेब सर्विस के माध्यम से ई-उपार्जन में डाटा प्रेषित किया जाएगा। समग्र सदस्य आईडी किसान की पंजीयन यूनिक आईडी होगी, जो भविष्य के पंजीयन में उपयोग की जा सकेगी।

बताया कि किसान गिरदावरी में दर्ज भूमि के रकबे एवं बोई गई फसल से असंतुष्ट होने पर उपार्जन कार्य प्रारंभ होने के पूर्व गिरदावरी में दांवा-आपत्ति प्रस्तुत करनी होगी। दावा आपत्ति का निराकरण होने एवं ई-उपार्जन पोर्टल पर किसान की संशोधित जानकारी आने के उपरांत पंजीयन किया जा सकेगा। कृषकों से अनुरोध है कि समर्थन मूल्य का लाभ प्राप्त करने के लिए अधिक से अधिक संख्या में अपना पंजीयन कार्य पूर्ण कराएं।


लघु और सीमांत किसानों को मिलेगा पीएम किसान मानधन योजना का लाभ
सिवनी. जिले के सभी भू-धारक लघु और सीमांत किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना के तहत वृद्धावस्था पेंशन योजना शुरू की गई है। यह एक स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन स्कीम है। इससे सभी लघु और सीमांत किसान जिनके पास दो हेक्टेयर तक की कृषि भूमि है। उनकी आयु 18 से 40 वर्ष है। वे इसका लाभ ले सकते हैं। इसके लिए उनको 55 से 200 रुपए तक मासिक अंशदान जमा करना होगा। यह राशि उनकी उम्र पर निर्भर होगी। 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर तीन हजार रुपए मासिक पेंशन किसान को मिलेगी।

जिले में उक्त पात्रता रखने वाले किसानों को प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना का लाभ लेने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। रजिस्ट्रेशन के लिए आधारकार्ड और खसरा-खतौनी की नकल, दो-फोटो, बैंक पासबुक लगेगा। रजिस्ट्रेशन के दौरान ही किसान का पेंशन यूनिक नंबर और पेंशन कार्ड बनाया जाएगा। लघु और सीमांत किसानों के पास सीधे पीएम किसान से प्राप्त वित्तीय लाभ से स्कीम में अपने स्वैच्छिक योगदान का भुगतान करने की अनुमति का विकल्प होगा। हितग्राही अपना अभिदान तिमाही, चार माही, छह माही आधार पर भुगतान करने का विकल्प चुन सकते हैं।

इन किसानों को नहीं मिलेगा लाभ
राष्ट्रीय पेंशन स्कीम, कर्मचारी राज्य बीमा निगम स्कीम, कर्मचारी निधि संगठन स्कीम आदि जैसी किसी अन्य सांविधिक, सामाजिक सुरक्षा स्कीम के दायरे में शामिल लघु और सीमांत किसान। वे किसान जिन्होंने श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा संचालित प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के लिए विकल्प चुना है। ऐसे किसान जिन्होंने श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा संचालित प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मानधन योजना के लिए विकल्प चुना है। वे सभी व्यक्ति जिन्होंने पिछले मूल्यांकन वर्ष में आयकर का भुगतान किया है।