
जिले के जर्जर स्कूलों के हालात
सिवनी. इस वर्ष प्रदेश के सर्वाधिक वर्षा वाले जिलों में सिवनी का नाम है। जिले में लगातार बारिश से हजारों किसानों की फसलें तबाह हुई हैं, तो वहीं रिहायशी इलाकों में भी काफी नुकसान हुआ है। कई जगह नदी-नाले में बहने से अब तक आधा दर्जन लोगों की जान जा चुकी है। तो जिले में मकान-दीवार गिरने से कई लोग जान दे चुके हैं और कई गंभीर घायल हुए हैं। इधर कई सरकारी इमारतों की हालत भी ऐसी है, कि कभी भी हादसा हो सकता है।
शिक्षा विभाग की रिपोर्ट में खुलासा
-राज्य शिक्षा केन्द्र को सिवनी जिला शिक्षा केन्द्र से अतिवृष्टि (प्राकृतिक आपदा) के कारण क्षतिग्रस्त, दुर्घटना संभावित शासकीय प्राथमिक व माध्यमिक शालाओं की एक रिपोर्ट भेजी गई है। जिसमें विभाग ने बताया है कि सिवनी जिले के आठ विकासखण्ड सिवनी, बरघाट, कुरई, केवलारी, घंसौर, छपारा, धनौरा, लखनादौन के पुराने हो चुके 464 स्कूलों का सर्वे किया गया है। जिसमें जर्जर भवन होने से दुर्घटना की संभावना वाले 329 स्कूल हैं। वहीं भवन की छत गिरने की संभावना वाले 255, भवन की दीवार गिरने की संभावना वाले 60, प्लास्टर गिरने की संभावना वाले 351, दीवारों में दरारें 138, सीपेज वाले 353 और टपकने वाले स्कूल 426 हैं।
Published on:
17 Aug 2024 07:01 pm
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