18 मई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सिवनी हवाला कांड में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, बच्चे के साथ जेल रह रही SDOP को मिली जमानत

Seoni Hawala case: 7 माह बच्चे के साथ जेल में रहने के बाद निलंबित एसडीओपी पूजा पांडे को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत। सिवनी हवाला कांड मामले में मुख्य आरोपी है।

2 min read
Google source verification

सिवनी

image

Akash Dewani

May 18, 2026

Supreme Court grants bail to SDOP Pooja Pandey Seoni Hawala case MP News

Supreme Court grants bail to SDOP Pooja Pandey Seoni Hawala case (Patrika.com)

MP News: मध्य प्रदेश के बहुचर्चित सिवनी हवाला मनी डकैती कांड (Seoni Hawala case) को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बड़ा फैसला सुनाया है। मामले में मुख्य आरोपी निलंबित एसडीओपी पूजा पांडे को कोर्ट ने जमानत दे दी है। पूजा पांडे अपने बच्चे के साथ 17 अक्टूबर 2025 से जेल में रह रही थी। कोर्ट ने सोमवार को याचिका पर सुनवाई की और पांडे को बड़ी रहत दी है। मामले की सुनवाई सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने की। जानकारी के लिए बता दें, निलंबित एसडीओपी को न्यायिक अभिरक्षा में सिवनी जिला जेल भेजा गया था। इसके बाद रीवा जेल ट्रांसफर किया गया था।

जमनात को लेकर चीफ जस्टिस ने ये कहा

सुनवाई के दौरान मुसीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने टिप्पणी की कि याचिकाकर्ता पूजा पांडेय 22 साल की महिला और एक सिंगल मदर है। उसका दो से तीन साल का बच्चा भी उसके साथ जेल में रह रहा है। इससे पहले मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पूजा पांडे की जमानत की याचिका को खरिज कर दिया था। इसके बाद पूजा सुप्रीम कोर्ट की शरण में पहुंची जहां से उसे अब बड़ी रहत मिली है।

पुलिसकर्मियों को हाईकोर्ट दे चूका राहत

बता दें कि, इस मामले में 11 पुलिसकर्मियों के खिलाफ डकैती, अपहरण और आपराधिक षड्यंत्र रचने के आरोप में केस दर्ज किया था। इनमें से कई आरोपी पुलिसकर्मियों गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। हालांकि, गिरफ्तार पुलिसकर्मियों में से ज्यादातार को एमपी हाईकोर्ट से बाद में जमानत मिल गई। इसके अलावा दो आरोपियों के खिलाफ की गई एफआईआर को भी निरस्त कर दिया गया था।

ये है पूरा मामला

मामला 8-9 अक्टूबर 2025 की की रात का है। यहां के लखनवाड़ा थाना क्षेत्र के सीलादेही बायपास पर पुलिस ने एक कार से 2 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपए पकड़े थे, जबकि जब्ती सिर्फ 1.45 करोड़ की दिखाई थी। जांच में सामने आया था कि इस कांड में पुलिस वर्दी, सरकारी वाहन और हथियारों का इस्तेमाल किया गया था। शुरुआती जांच में सामने आया था कि इस कथित डकैती की साजिश में पुलिस विभाग के कुछ अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल थे। मामले के उजागर होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था और सरकार ने विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया था। (MP News)