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थांवरझोड़ी नशा मुक्त बनकर अन्य गांवों के लिए बनेगा प्रेरणास्रोत-राज्यपाल

ग्राम परिचय कार्यक्रम में हुए शामिल

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सिवनी. राज्यपाल मंगूभाई पटेल दो दिवसीय प्रवास के दूसरे दिन गुरुवार को कुरई विकासखण्ड के ग्राम थांवरझोड़ी पहुंचे। ग्रामवासियों ने उनका परंपरागत कलश यात्रा और गोंडी नृत्य से आत्मीय स्वागत किया। ग्रामीणों में इस कार्यक्रम को लेकर उत्साह का माहौल रहा। राज्यपाल ने ग्राम परिचय कार्यक्रम में शामिल होकर कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखकर योजनाएं संचालित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना ने गरीब परिवारों को स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चिंताओं से राहत दी है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाई है, वहीं आजीविका मिशन से जुडकऱ बहनें आर्थिक स्वावलंबन का उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं। राज्यपाल ने जनजातीय समुदाय के लिए संचालित योजनाओं का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने प्रधानमंत्री जनमन योजना को आदिवासी समाज की शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना युवाओं को कौशल विकास और रोजगार से जोडकऱ उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री धरती आबा योजना बिरसा मुंडा की प्रेरणा से संचालित होकर जनजातीय परिवारों को आवास, पेयजल, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। राज्यपाल ने कहा कि इन योजनाओं से आदिवासी जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है और परिवार मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।

गांव को नशामुक्त बनाने का प्रस्ताव हुआ पारित
राज्यपाल के मुख्यातिथ्य में ग्राम में परंपरागत खाट बैठक के तहत पेसा पंचायत आयोजित हुई। इसमें सरपंच कल्पना उइके ने ग्राम को नशामुक्त बनाने का प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया गया और यह निर्णय लिया गया कि नशा करने वालों पर 1000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। यह राशि ग्राम विकास कार्यों में उपयोग होगी। पंचायत में उपस्थित ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से नशामुक्ति का संकल्प लिया। राज्यपाल ने इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि नशे की लत से न केवल व्यक्ति बल्कि उसका पूरा परिवार प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि थांवरझोड़ी ग्राम नशामुक्त बनकर अन्य गांवों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। उन्होंने सभी को नशामुक्ति की शपथ दिलाई।

सिकल सेल उन्मूलन पर बल
राज्यपाल ने सिकल सेल जैसी गंभीर बीमारी के उन्मूलन पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि यह वंशानुगत रोग विशेषकर जनजातीय समाज में व्यापक है और इससे पीडि़त व्यक्ति को एनीमिया, हड्डी का दर्द व अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि विवाह से पहले वर-वधू दोनों का सिकल सेल कार्ड अनिवार्य रूप से मिलाया जाए। यदि दोनों ही रोगग्रस्त अथवा वाहक हों तो विवाह न किया जाए ताकि आने वाली पीढ़ी सुरक्षित रहे। राज्यपाल ने लक्ष्य रखा कि वर्ष 2047 तक भारत को सिकल सेल मुक्त बनाने में सभी का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इसके लिए जन-जागरूकता शिविरों और परीक्षण कार्यक्रमों में अधिक से अधिक भागीदारी होनी चाहिए।

जिले के नवाचार ‘मिशन जीवन पर्यंत’ की सराहना
कार्यक्रम में जिले की अभिनव पहल ‘मिशन जीवन पर्यंत का नाटक के माध्यम से मंचन किया गया। इस पहल के अंतर्गत लाडली बहना योजना की हितग्राही महिलाओं को अटल पेंशन योजना से जोड़ा जा रहा है, जिससे उनका भविष्य आर्थिक रूप से सुरक्षित हो सके। राज्यपाल ने इस मुहिम की सराहना करते हुए कहा कि सिवनी जिला प्रशासन का यह नवाचार महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण है। इस अवसर पर विधायक बरघाट कमल मर्सकोले ने भी ग्रामीणों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य जनजातीय समाज को शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के क्षेत्र में सशक्त बनाना है। उन्होंने ग्रामीणों से योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने की अपील की।

हितलाभ का हुआ वितरण
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने प्रतिकात्मक स्वरूप विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण किया। इस अवसर पर ग्रामीणों को जाति प्रमाण पत्र, आजीविका मिशन की बहनों को कैश क्रेडिट कार्ड, लिंक योजना के चैक तथा स्कूली बच्चों को निशुल्क साइकिल का वितरण किया गया। इस अवसर पर छात्रों द्वारा स्मृति स्वरूप मोगली की पैंटिंग राज्यपाल को भेंट की गई। आभार प्रदर्शन सीईओ जिला पंचायत नवजीवन विजय ने किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष मालती डेहरिया, विधायक सिवनी दिनेश राय, भाजपा जिला अध्यक्ष मीना बिसेन सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।