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Health: जिस विभाग के पास इलाज की जिम्मेदारी, वे ही कर रहे लापरवाही

परिसर के आसपास बजबजा रही नाली, पनप रहे मच्छर

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सिवनी. जिस विभाग के पासबीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक करने और उसकी रोकथाम की जिम्मेदारी है। उसके खुद के कार्यालय परिसर में काफी गंदगी है। पत्रिका की टीम शुक्रवार को रोगों की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी लेने जिला अस्पताल पहुंची तो वहां का नजारा हैरान करने वाला था। मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए पखवाड़ा और माह मनाने के दावे किए जा रहे हैं। दूसरों के दफ्तरों और घरों में रखे कूलर और नालियों में झांकने वाले अधिकारियों के कार्यालयों में मच्छर पनपने के पूरे इंतजाम हैं। दरअसल जिला अस्पताल परिसर में ही आयुष विभाग, जिला मलेरिया अधिकारी, सिविल सर्जन सहित अन्य स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के कार्यालय भी हैं। यहां काफी संख्या में मरीज इलाज कराने आते हैं। आयुष विभाग स्वास्थ्य सेवा को सुलभ बनाने, आयुष में गुणवत्ता सुनिश्चित करने और आयुष चिकित्सा प्रणालियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए काम करता है। इसके अलावा हर वर्ष मलेरिया के रोकथाम के लिए मलेरिया ऑफ 200 दवा का वितरण भी करता है। जबकि बाहुबली रोड की तरफ जाने वाले मार्ग पर जिला अस्पताल परिसर में स्थित आयुष विभाग अधिकारी कार्यालय में नालियों में फैली गंदगी इस कार्यालय की सक्रियता को खुद ही बयां कर रही है। इसके अलावा इस कार्यालय के आसपास एवं जिला अस्पताल गेट के मुख्य द्वार के पास गंदगी का अंबार लगा हुआ है। गंदगी का आलम यह है कि सांस लेना भी मुश्किल है।

काफी संख्या में आते हैं मरीज
बाहुबली रोड की तरफ जाने वाले जिला अस्पताल परिसर में स्थित आयुष विभाग कार्यालय स्थित है। दोनों ही जगह काफी संख्या में मरीज अपना ईलाज कराने आते हैं।

कार्यालय में ही बजबजा रही नालियां
जिला अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारियों के कार्यालय हैं। परिसर में ही नाली में भारी पानी जमा है, जिसमें मच्छर पनप रहे हैं। हैरान करने वाली एक बात यह भी है कि विभाग के कर्मचारी, मरीज के परिजन परिसर के पास बनी नाली में ही खुले में लघुशंका करते हैं। परिसर में अन्य कई जगह पर पानी जमा है। जनपद की 11 लाख आबादी को जागरूक करने वाला चिकित्सा और मलेरिया विभाग खुद जागरूक नहीं है।

कई बीमारियों का इलाज स्वच्छता
कूड़ा और गंदगी से दुर्गंध उठने के साथ इनपर मंडराने वाली मक्खी और मच्छर विभिन्न बीमारियों के कारक होते हैं। इन कूड़े कचरा की ढेर में बढ़ते मच्छरों से मलेरिया के साथ टायफाइड, हेपेटाइटिस बी, पीलिया और पेट से संबंधित बीमारियों की रोकथाम केवल स्वच्छता से ही संभव है। किसी न किसी रूप में जगह-जगह फैली गंदगी पेयजल सप्लाई में मिलने से जलजनित बीमारियां बढ़ती हैं।

इनका कहना है…
नगर पालिका को मैं कई बार पत्र लिख चुका हूं। सफाई का जिम्मा उन्हीं का रहता है। अस्पताल की एजेंसी वार्डों की सफाई करती है।
वीके नावकर, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल