
सिवनी. केन्द्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एक जनवरी से जिले से संचालित व्यावसायिक बस, ट्रक, ऑटो, चार पहिया वाहन, छोटे मालवाहक वाहन सहित अन्य भारी वाहनों की फिटनेस जांच जबलपुर में कराने के आदेश जारी कर दिए हैं। जबकि वाहन मालिक इसके लिए तैयार नहीं है। ऐसे में जिले की सडक़ों पर कई वाहन बिना फिटनेस प्रमाण पत्र के ही दौड़ रही हैं। हर दिन किसी न किसी वाहन की फिटनेस तिथि एक्सपायर हो रही है। ऐसे में वाहन मालिक परेशान हैं। उनका कहना है कि सरकार को सिवनी जिले में ही व्यवस्था बनानी चाहिए। जबलपुर में फिटनेस जांच कराने के पहले ऑफलाइन रसीद कटानी होगी। इसके लिए पहले एक आदमी जबलपुर जाएगा। रसीद कटने के बाद उन्हें स्लॉट मिलेगा। उसी के अनुसार फिर वाहन को लेकर सिवनी से जबलपुर जाना होगा। ऐसे में कम से कम 10 से 12 हजार रुपए का अतिरिक्त खर्च आएगा। इसमें वाहन का ईंधन, एआरटीओ से परमिट, चालक का खर्च, टोल टैक्स का खर्च शामिल है। इसके अलावा यह भी तय नहीं है कि उनके वाहन की फिटनेस जांच एक दिन में हो जाएगी। जबलपुर जाने के बाद संभव है कि एक से दो दिन लगे। ऐसे में सरकार को जबलपुर में फिटनेस जांच कराने के निर्णय को वापस ले लेना चाहिए और सिवनी में ही व्यवस्था बनानी चाहिए।
ऑटोमेटिक टेस्टिंग मशीन के अभाव में परेशानी
बताया जाता है कि केन्द्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने मध्यप्रदेश में व्यावसायिक वाहनों को फिटनेस जांच के लिए प्राइवेट एजेंसी को काम दिया है। एजेंसी अपने यहां ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन स्थापित कर वाहनों की फिटनेस जांच कर सर्टिफिकेट दे रही है। हालांकि बस सहित अन्य वाहन संचालकों का कहना है कि सिवनी में ही अगर ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन खोल दिया जाए तो सारी समस्या दूर हो जाएगी। तब तक पूर्व की तरह ही सिवनी एआरटीओ कार्यालय में ही फिटनेस जांच करने का आदेश जारी कर दिया जाना चाहिए।
एक साथ कई वाहन पहुंचेंगे जबलपुर
जबलपुर में फिटनेस सर्टिफिकेट के लिए केवल सिवनी ही नहीं बल्कि मंडला, उमरिया, दमोह, कटनी सहित अन्य जिले के वाहनों को भी ले जाने का आदेश जारी किया गया है। ऐसे में एक साथ कई वाहन जबलपुर में पहुंचने से वहां यातायात व्यवस्था भी बिगड़ेगी। जानकारों का कहना है कि इस फैसले को तत्काल वापस ले लेना चाहिए।
आज एसोसिएशन सौंपेगा ज्ञापन
प्राइवेट बस ऑनर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष तेजबलि सिंह ने बताया कि एसोसिएशन ने एआरटीओ से मिलकर अपनी बात रखी है और समस्या से अवगत कराया है। मंगलवार को एसोसिएशन कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपेगी। अध्यक्ष का कहना है कि जबलपुर में वाहनों की फिटनेस जांच कराने का आदेश समझ से परे है।
6000 से अधिक व्यावसायिक वाहन
जिले में 6000 से अधिक व्यावसायिक वाहनों का परिचालन किया जा रहा है। इसमें 250 बस, 2200 ट्रक, 250 चार पहिया, 2500 छोटे मालवाहक, 1000 से अधिक ऑटो शामिल हैं। इसमें से कई वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र एक्सपायर हो चुके हैं। अगर शासन ने निर्णय नहीं लिया तो अब इन वाहन मालिकों के लिए काफी मुश्किल होगी।
इनका कहना है
प्राइवेट बस ऑनर्स एसोसिएशन की मांग को उच्च अधिकारियों से अवगत कराया गया है। समस्याओं को भी बताया गया है। वहां से आदेश मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान आदेश के अनुसार व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच जबलपुर में ही करानी होगी।
देवेश बाथम, एआरटीओ, सिवनी
Published on:
20 Jan 2026 01:33 pm
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