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दुष्कर्मियों को 20 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा, जंगल में ले जाकर छात्रा से किया था दुष्कर्म

गांव जा रही थी छात्रा

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20 years of rigorous imprisonment for misdemeanors

दुष्कर्मियों को 20 वर्ष की सश्रम कारवास की सजा, जंगल में ले जाकर छात्रा से किया था दुष्कर्म

शहडोल। कोर्ट ने जैतपुर थाना अंतर्गत टेंघा निवासी दुष्कर्म के दो आरोपियों को 20 वर्ष सश्रम कैद की सजा सुनाई है। मामले में 28 नवंबर 2017 को छात्रा स्कूल से छुट्टी होने के बाद साइकिल से अपनी सहेली के साथ गांव जा रही थी। शाम करीब 5 बजे डगनिहा टोला के जंगल में जब वे दोनों पहुंची तो दोनों आरोपी भूपेन्द्र शुक्ला और भुवनेश्वर आए जिन्हें छात्रा नहीं जानती थी ने आकर उन्हें रोक दिया। इसके बाद एक आरोपी छात्रा का गला दबाने लगा। जब छात्रा की सहेली उसे छुड़ाने लगी तो दूसरे आरोपी ने उसकी सहेली का गला पकड़ लिया। इसके बाद दोनों आरोपियों ने छात्रा को पकड़कर उसे घने जंगल में ले गए और जबरदस्ती दुष्कर्म किया। जब कुछ लोगों के आने की आवाज सुनी तो छात्रा के मंूह में कपड़ा ठूंस कर भाग गए। कुछ देर बाद 100 नंबर पर फोन करने पर पुलिस आई। थाना जैतपुर में रिपोर्ट लिखी गई। बाद में पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर विवचेना उपरांत चालान कोर्ट में पेश किया। विशेष सत्र न्यायाधीश जिला शहडोल ने विचारण उपरांत आरोपी भूपेन्द्र पिता अरूण शुक्ला एवं भुवनेश्वर पिता रामखेलावन को दुष्कर्म का दोषी पाते हुए 20-20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 10-10 हजार रुपए के अर्थदंड धारा 341 के तहत 1-1 वर्ष के साधारण कारावास एवं 500-500 रुपए के अर्थदंड तथा धारा 323 के तहत 1-1 वर्ष का सश्रम कारावास तथा 1000-1000 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। उक्त प्रकरण में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक अरविंद द्विवेदी द्वारा पैरवी किया गया।