
प्रवेश प्रक्रिया : तीन माह बाद भी जिले के महाविद्यालयों में खाली रह गई सीट
शहडोल. महाविद्यालयों में तीन माह बाद भी प्रवेश प्रक्रिया पूरी नहीं हुई पाई है। उच्च शिक्षा विभाग रिक्त सीटों को भरने के लिए अब सातवें राउण्ड की प्रवेश प्रक्रिया करा रहा है। वहीं शिक्षासत्र प्रारंभ हुए तीन माह पूरे होने को है और अभी तक महाविद्यालयों में व्यवस्थित अध्यापन कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया है। इससे महाविद्यालय में प्रवेश लने वाले व द्वितीय व तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों की पढ़ार्ई भी प्रभावित हो रही है। महाविद्यालय प्रबंधन भी प्रवेश प्रक्रिया में फंसे होने की वजह से अन्य शैक्षणिक व महाविद्यालयीन गतिविधियों में ध्यान नहीं दे पा रहा है। मई के अंतिम सप्ताह से प्रारंभ हुई प्रवेश प्रक्रिया में अब तक छह राउण्ड हो चुके हैं और अब सातवें राउण्ड की प्रक्रिया जारी है। अभी भी कुछ महाविद्यालयों में आधे से ज्यादा सीट खाली रही गई है।
कम परीक्षा परिणाम भी कारण
जानकारों की माने तो महाविद्यालयों में संचालित पारंपरागत पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने में विद्यार्थी ज्यादा रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इसके अलावा इस वर्ष 12वीं के कम परीक्षा परिणाम को भी इसका कारण माना जा रहा है। पिछले वर्ष कई महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए सीट बढ़ानी पड़ी थी, जबकि इस वर्ष पूर्व से निर्धारित सीटें ही नहीं भर पाई है। सातवां राउण्ड प्रारंभ, प्रवेश प्रक्रिया में बीतेगा माह महाविद्यालयों में रिक्त सीटों को भरने के लिए सातवें राउण्ड की प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। आवेदन के बाद कॉलेज चयन व दस्तावेज सत्यापन सहित अन्य प्रक्रिया में सितम्बर माह भी बीत जाएगा। सातवें राउण्ड की प्रवेश प्रक्रिया के चलते इस माह भी महाविद्यालयों में व्यवस्थित कक्षाओं का संचालन नहीं हो पाएगा।
यूजी की 50 प्रतिशत से अधिक सीटें खाली
छह राउण्ड की प्रवेश प्रक्रिया के बाद भी महाविद्यालयों में सीट खाली रही गई है। जिले के 8 महाविद्यालयों में से कन्या महाविद्यालय के अलावा शेष महाविद्यालयों में यूजी व पीजी दोनो की ही सीटें नहीं भर पाई है। यहां तक कि बुढ़ार, जयसिंहनगर व ब्यौहारी महाविद्यालयों में स्थिति यह है कि यहां स्नातक की 50 प्रतिशत सीटें भी नहीं भर पाई है। अग्रणी महाविद्यालय में भी अभी शत प्रतिशत सीटें नहीं भरी है।
Published on:
22 Sept 2023 12:02 pm
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