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आखिर क्यों मचा जिला अस्पताल में कोहराम

दो मासूमों की मौत

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After all, why the district is in the hospital

After all, why the district is in the hospital

शहडोल. नगर में दिल दहला देने वाली दो बच्चों के मौत घटना की जानकारी समूचे शहर में दोपहर लगभग 12 बजे आग की तरह ऐसी फैली कि जिसने भी सुना वह जिला अस्पताल की तरफ दौड़ा और वह अपने पांव नहीं रोक सका। इस दौरान शहर भर के ब्यापारी, नेता, सामाजिक कार्यकर्ताओं का भारी हुजूम लग गया और जिला अस्पताल में लगभग तीन घंटे तक कोहराम मचा रहा वहीं परिजनों को तो ऐसा बुरा हाल कि वह सब अपने बच्चों की मौत मानने को तैयार नहीं थे और बार-बार चिल्लाते रहे कि डाक्टर साहब अभी सांस चल रही है दुबारा देखो।
परिवार के इकलौते थे दोनों मृतक-
बताया गया है कि दोनों किशोर अपने मां बाप के इकलौते बेटे थे और दोनों को संगीत और धर्म से बहुत ज्यादा लगाव था इसलिए प्रतिदिन सुबह गुरुद्धारा जाकर भजन कीर्तन कर संगीत सीखते थे। मृतक चरणदीप भाटिया इकलौता था और वह सतगुरू स्कूल में कक्षा 9 वीं का छात्र था, उससे दो बड़ी बहने हैं, वहीं मृतक कैपिटल बस सर्विस के मालिक और सरस्वती हायरसेकंडरी स्कूल के व्यवस्थापक शोभा सिंह भटिया के नाती थे मृतक बीती रात रायपुर से वापस घर आया था। इसी तरह दूसरा मृतक सुखमीत सिंह भी इकलौता घर का चिराग रहा जो सेंटएलायसिस स्कूल में कक्षा 10 वीं का छात्र था, और उसकी एक छोटी बहन है। सुखमीत भी बीती रात अपने माता पिता के साथ खरगौन से वापस शहडोल आया था कि इसी दौरान सुबह दोनों को दोस्तों ने पिकनिक जाने के लिए घर लेने गए थे कि अचानक यह हादसा हो गया। बताया गया है कि सुखमीत के पिता ज्ञानी धर्म सिंह सिक्ख गरुद्वारा के मुख्य कर्ताधर्ता और पुजारी हैं जो बडवानी जिले के बलसूद गांव के मूल निवासी हैं जिन्हे गरुद्वारा कमेटी द्वारा उनके रहने के लिए गुरुद्वारा में आवास दिया है।