शहडोल. बैकुंठ चर्तुदशी पर महिलाओं ने मोहनराम तालाब में पूजा अर्चना कर सुख समृद्धि की कामना की। व्रती महिलांए समूह बनाकर शनिवार को सुबह से ही तालाब पहुंचकर पूजा अर्चना प्रारंभ की। इस दौरान महिलाएं माता यशोदा के रूप में सोलह श्रंगार कर अपने-अपने घरों से भोग प्रसाद बनाकर साथ लाईं हुई थी। चौक बनाकर तुलसी रखकर श्रीकृष्ण व भगवान विष्णु की पूजा करते हुए मिष्ठान व पकवान भगवान को अर्पित किया। पंडित कामता पांडेय ने बताया कि कार्तिक मास में एक महीने का व्रत धारण करने वाली महिलाएं बैकुंठ चर्तुदशी के दिन पूजन करने के बाद व्रत का समापन करती हैं। वहीं 27 नवंबर को स्नान दान पूर्णिमा के दिन पूजा पाठ कर कार्तिक मास का समापन कर दी जाती है। शनिवार को बैकुंठ चर्तुदशी पर्व की पूजा करने बड़ी संख्या में मिलाएं एकत्रित हुई। मान्यता है कि कार्तिक मास में एक महीने का व्रत व पूजन करने से परिवार की हर बाधाएं कट जाती है व परिवार में सुख शांति बना रहता है। इस लिए महिलाएं शनिवार को चर्तुदशी के शुभ मुहूर्त पर पूजा कर भगवान को बैकुंठ धाम भेज कर परिवार की सुख समृद्धि की कामना की।