1 अप्रैल 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आशा उषा कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर को घेरा

चार सूत्रीय मांगों का सौंपा ज्ञापन

2 min read
Google source verification
Asha Usha workers encircle the collector

Asha Usha workers encircle the collector

शहडोल. अन्य राज्यों की तरह एवं आंगनबाड़ी कर्मियों के समान अतिरिक्त न्यूनतम वेतन की मांग को लेकर जिले की सैकड़ों आशा-उषा कार्यकर्ता एवं सहयागिनियों ने सोमवार को कलेक्टर को घेरकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि आशा-उषा-सहयोगियों को राज्य शासन की ओर से आंगनबाड़ी कर्मियों के बराबर राशि का न्यूनतम वेतन दिया जाए। इन्हे स्वास्थ्यकर्मी के रूप में नियमित किया जाए। तबत 18 हजार रुपए न्यूनतम वेतन दिया जाए। आशाओं की तरह सहयोगियों के मानदेय को भी केन्द्र सरकार से दुगना कराने हेतु राज्य सरकार की ओर से आवश्यक कदम उठाया जाए और कार्य के दौरान दुर्घटना में मृत देवास की ताराबाई मुजाल्दे सहित आशाओं के परिवार को अनुग्रह राशि दिया जाए। ज्ञापन सौंपते समय आशा-उषा-सहयोगिनी एकता यूनियन की जिला अध्यक्ष माधवी जैसवाल, महासचिव रूपा द्विवेदी, राजलक्ष्मी सिंह, कविता गर्ग, मालती गुप्ता, आरती जोतवानी, गायत्री साहू और ज्योत्सना सोनी सहित अन्य कई आशा-उषा-सहयोगिनी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
गोंदिया-बरौनी टे्रन से यात्री का ट्राली बैग पार
शहडोल. गोदिया से बरौनी जाने वाली टे्रन के एस-वन बोगी से सोमवार को सुबह अज्ञात बदमाशों ने 23वर्षीय शशांक गट्टानी पिता श्याम बिहारी गट्टानी निवासी हाउसिंग बोर्ड कालोनी शहडोल का एक ट्राली बैग पार कर दिया। बैग में इस्तेमाली कपड़े और पूना व मुम्बई में रुकने संबंधी ५० हजार के बिल थे। रेल पुलिस अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा ३८० के तहत प्रकरण दर्ज कर मामले को विवेचना में ले लिया है।

जिले में हुई सामान्य से कम बारिश
शहडोल. इस सत्र के चार माह का मानसून सीजन रविवार को पूरा हुआ। इस सीजन में जिले में सामान्य से करीब २५ मिलीमीटर कम बरसात हुई है। जानकारों ने इस सप्ताह मानसून के प्रदेश से विदा होने की संभावना जताई है। गौरतलब है कि एक जून से 30 सितंबर तक मानसून सीजन माना जाता है। बताया गया है कि पश्चिमी राजस्थान से मानसून विदा हो चुका है और देश में कई स्थानों पर प्रतिचक्रवात बनने का सिलसिला शुरु हो गया है। दिन के तापमान में बढ़ोतरी होने लगी है। वातावरण से आद्रता कम होने का सिलसिला शुरु हो गया है। यह मानसून की वापसी के संकेत हैं। इस वर्ष गत एक जून से 30 सितम्बर तक जिले में कुल 947.7 मिलीमीटर औसत वर्षा रिकार्ड की गई है।