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देवी मंदिरों में साज-सज्जा व रंग रोगन का कार्य शुरू, प्रमुख मंदिरों में रहेंगे सुरक्षा के इंतजाम

हर दिन होगा माता का अलग-अलग श्रृंगार, जवारा कलश की होगी स्थापनाशहडोल. 19 मार्च से प्रारंभ होने जा रहे चैत्र नवरात्र पर्व को लेकर जिले भर उत्साह का माहौल है, पर्व को लेकर देवी मंदिरों में तैयारियां तेज हो गई हैं। श्रद्धालुओं की आस्था के इस महापर्व को देखते हुए मंदिर समितियों और स्थानीय लोगों […]

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हर दिन होगा माता का अलग-अलग श्रृंगार, जवारा कलश की होगी स्थापना
शहडोल. 19 मार्च से प्रारंभ होने जा रहे चैत्र नवरात्र पर्व को लेकर जिले भर उत्साह का माहौल है, पर्व को लेकर देवी मंदिरों में तैयारियां तेज हो गई हैं। श्रद्धालुओं की आस्था के इस महापर्व को देखते हुए मंदिर समितियों और स्थानीय लोगों के माध्यम से मंदिर परिसरों में साफ-सफाई, रंग-रोगन और सजावट का कार्य किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में भी पर्व को लेकर लोगों में उत्साह का माहौल है। जिले के प्रमुख मंदिरों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहेंगे।

कंकाली मंदिर में किया जा रहा रंग रोगन

जिले के प्रसिद्ध कंकाली माता मंदिर अंतरा में विशेष साज-सज्जा की जा रही है। मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है, वहीं श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यवस्थाएं भी दुरुस्त की जा रही हैं। नवरात्र के दौरान यहां बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर के पुजारी रामजी तिवारी ने बताया कि चैत्र नवरात्र को लेकर सोमवार को मंदिर समिति की बैठक आयोजित की जाएगी। हर वर्ष की तरह इस बार 5100 कलश की स्थापना की जाएगी।

नौ दिन तक चलेगा धार्मिक अनुष्ठान

जैतपुर स्थित भाटिया माता मंदिर में भी नवरात्र को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। मंदिर परिसर की साफ-सफाई के साथ परिसर में भक्तों की सुविधा के लिए टैंट इत्यादी लगाया जा रहा है। मंदिर के पुजारी कैलाश द्विवेदी ने बताया कि समिति की बैठक बुढ़ार में हो गई है। नौ दिनों तक माता के अलग-अलग श्रृंगार के साथ ही विशेष भोग लगाया जाएगा। इस वर्ष 3500 से 4 हजार के बीच जवारा कलश स्थापित किए जाएंगे।

5 हजार जवारा कलश की होगी स्थापना

ङ्क्षसहपुर माता मंदिर में हर वर्ष की तरह इस बार भी चैत्र नवरात्र को भव्यता के साथ मनाया जाएगा। मंदिर समिति की ओर से बताया गया कि इस वर्ष 5 हजार जवारा कलश की स्थापना की जाएगी। नौ दिनों तक भंडारे का आयोजन किया जाएगा। अष्टमी के दिन महाआरती के साथ ही 27 मार्च को काली नृत्य के साथ जवारा कलश का विसर्जन होगा।

विराटेश्वरी धाम में भी तैयारी शुरू

नगर के विराटेश्वरी धाम दुर्गा मंदिर और बूढ़ी माता मंदिर व धनपुरी में ज्वालामुखी मंदिर में भी विशेष साज-सज्जा की जा रही है। मंदिर समितियों द्वारा परिसर की साफ-सफाई, रंगाई-पुताई और आकर्षक लाइटों से मंदिर की सजावट की व्यवस्था की जा रही है। ग्रामीण इलाकों में नवरात्र पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह देखा जा रहा है। गांवों में मंदिरों की साफ-सफाई और सजावट के साथ पूजा-पाठ की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

पालकी में बैठकर आएंगी मातारानी

पंडित सुशील शस्त्री के अनुसार इस बार चैत्र नवरात्र में मातारानी पालकी में बैठकर आएंगी और हाथी में बैठकर उनका विदाई लेंगी। 19 मार्च को घट स्थापना का प्रथम शुभ मुहुर्त सुबह 5 से 7 बजे तक, अभिजीत मुहूर्त सुबह 11.45 से दोपहर 1 बजे तक व तीसरा मुहूर्त 3 बजे से रात 9 बजे तक रहेगा। इस दौरान भक्त जवारा कलश व देवी स्थापना के साथ ही दीपक कलश की स्थापना कर सकते हैं।