
महाभारत काल से चला आ रहा भीम एकादशी निर्जला व्रत, द्रोपदी समेत पांचों पांडव इस दिन रखते रहें उपवास
शहडोल। जेष्ठ महीने की शुक्ल पक्ष की एकादशी को घर-घर में श्रद्धालुओ ने भीम सेनी एकादशी को निर्जला व्रत रख विष्णु भगवान की पूजा अर्चना किया। ब्रतधारी श्रद्धालुओं ने मोहनराम तलाब में विराजे राम जानकी मंदिर, कल्याणपुर हनुमान मंदिर समेत शहर के दर्जनों धार्मिक स्थलो में पूजा की । इस दौरान जगह- जगह-जगह भजन कीर्तन का आयोजन किया गया। जिसमे सैकड़ों की सख्या में ब्रतधारी महिला पुरुष शामिल रहे। राम जानकी मंदिर में पूजा अर्च्रना करने आई निर्जला एकादशी व्रत धारी महिलाओं ने बताया कि पौराणिक कथा के अनुसार पांडवों के दूसरे भाई भीमसेन खाने-पीने के बड़े शौकीन थे। वह अपनी भूख पर नियंत्रण नहीं रख पाते थे। उन्हें छोड़कर सभी पांडव और द्रौपदी एकादशी का व्रत किया करते थे। इस बात से भीम बहुत दुखी थे कि वे ही भूख की वजह से व्रत नहीं रख पाते हैं। उन्हें लगता था कि ऐसा करके वह भगवान विष्णु का निरादर कर रहे हैं।अपनी इस समस्या को लेकर भीम महर्षि व्यास के पास गए तब महर्षि ने भीम से कहा कि वे साल में एक बार निर्जला एकादशी का व्रत रखें। उनका कहना था कि एकमात्र निर्जला एकादशी का व्रत साल की 24 एकादशशियों के बराबर है। तभी से इस एकादशी को भीम एकादशी के नाम से जाना जाने लगा।
बांढ़ आपदा प्रबंधन संचालक के लिए कंट्रोल रूम स्थापित
कलेक्टर ललित दाहिमा ने बांढ़ आपदा प्रंबधन कार्य 2019 के सुचारू संचालन के लिए जिला स्तरीय कंट्रोल रूप स्थापित किया है। जिसमे धर्मेन्द्र मिश्रा डिप्टी कलेक्टर जिला स्तरीय नोड़ल अधिकारी होंगे एवं प्रदीप मोंगरे एसएलआर को कंट्रोल रूम का प्रभारी अधिकारी बनाया गया है। कंट्रोल रूम कक्ष क्रमांक 30 में स्थापित किया गया है।
Published on:
13 Jun 2019 08:42 pm

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