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बच्चेदानी फटी, एक पल के लिए लगा दोनों को नहीं बचा पाएंगे

सरकारी अस्पताल में बड़ा इलाज, मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल की टीम ने किया इलाज

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big treatment in government hospital

बच्चेदानी फटी, एक पल के लिए लगा दोनों को नहीं बचा पाएंगे

शहडोल. जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे जच्चा-बच्चा का इलाज कर जिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की टीम ने जान बचाई है। सरकारी अस्पताल में बड़ा ऑपरेशन करते हुए डॉक्टरों की टीम ने मिसाल पेश की है। डॉक्टरों के अनुसार, जिला अस्पताल में एक गर्भवती महिला को 17 अगस्त को प्रसव के लिए भर्ती कराया गया था। महिला की हालत काफी खराब थी। महिला के पहले ही दो ऑपरेशन हो चुके थे। प्रसव पीड़ा के बाद जब ऑपरेशन थिएटर लाया गया तब हालत और बिगड़ गई। बताया गया कि महिला को लगातार ब्लीडिंग हो रही थी। अचानक जच्चा-बच्चा की हलचल बंद हो गई। डॉ कुलदीप पटेल और डॉ सोना सिंह के अनुसार, एक पल के लिए लगा कि दोनों को बचा पाना मुश्किल है। मां या बच्चे में से किसी एक को बचा पाएंगे। बाद में डॉक्टरों ने ऑपरेशन करने का निर्णय लिया और दोनों की जान बचाई। अब जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।

डॉ कुलदीप पटेल के अनुसार, लगातार ब्लड बहने से महिला को खून की भी कमी हो गई थी। इस पर डॉक्टरों ने उसे खून चढ़ाने का निर्णय लिया। एक ओर से लगातार खून चढ़ाया जा रहा था। इसके बाद प्रसूता का ऑपरेशन शुरू किया गया।

बच्चेदानी भी फटी लेकिन नहीं मानी हार
ऑपरेशन के वक्त महिला की हालत और बिगड़ गई थी। हीमोग्लोबिन का स्तर भी कम हो गया था। जांच में सामने आया कि महिला की बच्चेदानी भी फट गई है। उसकी हालत बेहद गंभीर हो गई थी। इस दौरान महिला और बच्चे को बचाना बहुत मुश्किल हो गया था। इसके बाद भी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की टीम ने हार नहीं मानी और महिला का ऑपरेशन शुरू किया। किसी तरह बच्चेदानी को काटकर बाहर निकाला। इसके अलावा शरीर के और भी अंग बाहर निकालने पड़े लेकिन दोनों को बचाया