26 जून 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जानिए इतने साल से भाजपा जिला कार्यकारिणी का गठन क्यों नहीं हुआ ?

तीन चेहरों तक सीमित जिला अध्यक्ष की कुर्सी, भाजपा को नहीं मिल रहा अध्यक्ष के लिए नया चेहरा
2 min read
Google source verification
Section 144 imposed by SDM Collector canceled in 7 hours

Section 144 imposed by SDM Collector canceled in 7 hours

शहडोल. भाजपा की नई कार्यकारणी को लेकर अब तक निर्णय नहीं हुआ, कार्यकारणी को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में असंतोष की स्थिति दिखाई दे रही है। भाजपा की जिला कार्यकारणी का लगभग सात वर्षों से गठन नहीं किया जा सका है। भाजपा जिला अध्यक्ष की कुर्सी के लिए भाजपा को कोई नया चेहरा 2003 के बाद से नहीं मिला है, जिससे भाजपा जिला अध्यक्ष की कुर्सी पर वही पुराने तीन चेहरे लगभग 14 साल से अंगद की पांव की तरह जमे हुए हैं। 2003-04 में भाजपा जिला अघ्यक्ष राजेन्द्र श्रीवास्तव के कार्यकाल में भाजपा सत्ता की कुर्सी पर आसीन हुई, इसके बाद सिक्स समाज से इंद्रजीत छावड़ा को जिला अध्यक्ष बनाया गया और इसके बाद से अध्यक्ष की कुर्सी पर लगभग डेढ़ साल के लिए कुंवर हर्षवर्धन सिंह को अध्यक्ष बनाया गया और इसके बाद से ऐसा सिलसिला चला कि कभी इंद्रजीत छावड़ा तो कभी मार्तण्ड त्रिपाठी और इसके बाद अनुपम अवस्थी तथा फिर इन्द्रजीत छावड़ा। यह सिलसिला भाजपा में लगातार लगभग १४ सालों से बना हुआ है। भाजपा की जिला कार्यकारणी का गठन मार्तण्ड त्रिपाठी के कार्यकाल में हुआ और वे 2010 में भाजपा की जिला कार्यकारणी का गठन किए तथा लगभग 6 साल तक जिला अध्यक्ष रहे इसके बाद से भाजपा की जिला कार्यकारणी का गठन नहीं हो सका। इस दौरान भाजपा प्रदेश संगठन द्वारा 21 जून 2017 को अनुपम अवस्थी को जिला अध्यक्ष की कुर्सी से हटाते हुए इंद्रजीत छावड़ा को जिला अध्यक्ष बनाया और इसके बाद दीपावली के पहले जिला अध्यक्ष ने नई कार्यकारणी की सूची प्रदेश संगठन को भेजी, लेकिन ६ महीने बीतने के बाद भी कार्यकारणी की घोषणा नहीं की गई।
जिला महामंत्री को लेकर असंतोष -
भाजपा के जानकारों की मानें तो भाजपा की जिला कार्यकारणी को लेकर कार्यकर्ताओं में असंतोष स्पष्ट दिखाई दे रहा है। कार्यकारणी को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच अन्तर्कलह देखा जा रहा है। ब्यौहारी क्षेत्र के कद्दावर भाजपा नेता और जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष वीरेश सिंह रिंकू जहां अपनी नजदीकी अनिल सिह और पूर्व नगरपंचायत अध्यक्ष ब्यौहारी उज्वल केशरी को महामंत्री बनाना चाह रहे हैं, वहीं भाजपा जिला अध्यक्ष छावड़ा अपने चहेते राकेश पाण्डेय और सतीष तिवारी को जिला महामंत्री बनाना चाह रहे हैं, इसी बात को लेकर अब तक नई कार्यकारणी का फैसला नहीं हो पा रहा है।

39 प्लस वन का नारा फेल
भाजपा द्वारा नगरीय चुनाव के दौरान दिया गया ३९ प्लस वन का नारा भाजपा कार्यकर्ताओं के असंतोष के कारण फेल साबित हुआ। नपा अध्यक्ष के लिए सीएम शिवराज को नगर में रोड़ शो करना पड़ा और भाजपा जैसे तैसे जिला अध्यक्ष की कुर्सी बचा पाई, लेकिन भाजपा संगठन सिर्फ १५ पार्षद ही जिता पाई और असंतोष के चलते ही भाजपा को नगरपालिका उपाध्यक्ष के लिए पराजय का सामना करना पड़ा, जबकि भाजपा के पार्षद कांग्रेस से कहीं ज्यादा रहे। इस सम्बन्ध में प्रदेश संगठन मंत्री सुहास भगत से जब बात की गई तो उन्होने कहा कि हम इस बारे में मीडिया से कोई बात नहीं करना चाहते।

दीपावली के पहले भेजी कार्यकारणी
हमने दीपावली के पहले भाजपा जिला कार्यकारणी की सूची प्रदेश भाजपा कार्यालय को भेज दी है। कार्यकर्ताओं में कोई असंतोष जैसी बात नहीं है। जल्द ही प्रदेश कार्यालय से कार्यकारणी की घोषणा की जाएगी।
इन्द्रजीत सिंह छावड़ा
भाजपा जिला अध्यक्ष
शहडोल