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अधिकमास समाप्त: जून और जुलाई में 18 शुभ मुहूर्त, गूंजेगी शहनाइयां, होंगे मांगलिक कार्य

अधिकमास में एक माह तक शुभ व मांगलिक कार्यक्रमों में पूरी तरह से ब्रेक लग गया था। अब जक 15 जून से अधिकमास समाप्त हो गया तो फिर से जिले में शहनाइयां गूंजेगी, मुंडन, कनछेदन, व्रतवंध, गृह प्रवेश सहित अन्य शुभ कार्य लगभग एक माह के लिए फिर से प्रारंभ हो जाएंगे।

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25 जुलाई से प्रारंभ होंगे चतुर्मास, चार माह नहीं होंगे कोई मांगलिक कार्यक्रम

शहडोल. अधिकमास में एक माह तक शुभ व मांगलिक कार्यक्रमों में पूरी तरह से ब्रेक लग गया था। अब जक 15 जून से अधिकमास समाप्त हो गया तो फिर से जिले में शहनाइयां गूंजेगी, मुंडन, कनछेदन, व्रतवंध, गृह प्रवेश सहित अन्य शुभ कार्य लगभग एक माह के लिए फिर से प्रारंभ हो जाएंगे। जानकारी के अनुसार 19 जून से 12 जुलाई तक कुल 18 शुभ मुहूर्त हैं। इसके बाद 25 जुलाई से चातुर्मास लग जाएंगे जिसके बाद चार माह तक कोई भी मांगलिक कार्य नहीं होंगे। जून व जुलाई में फिर से शुभ मुहूर्त होने पर वैवाहिक कार्यक्रम प्रारंभ हो गए हैं। इसके साथ बाजार में भी रौनक देखने मिल रही है। लोग बाजार में खरीदारी के साथ ही मांगलिक कार्यक्रमों की तैयारी में जुट गए हैं। विवाह घरों, डीजे, टेंट की बुकिंग लोगों ने पूर्व से ही कर ली थी। आगामी 12 जुलाई तक शहनाइयों की गूंंज सूनाई देगी। वैवाहिक कार्यक्रमों को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसे लेकर लोगों में उत्साह देखने मिल रहा है। अधिकमास में वैवाहिक कार्यक्रम बंद होने की वजह से लोग इंतजार कर रहे थे। अब जब वैवाहिक कार्यक्रम प्रारंभ हो गए हैं तो व्यापारी वर्ग में भी अच्छे कारोबार की उम्मीद जगी है। अधिकमास भगवान विष्णु के लिए समर्पित था। एक माह तक लोग भगवान विष्णु की पूजा अर्चना में लीन रहे। इन दिनो में दान पुण्य का विशेष महत्व रहा, लेकिन शुभ कार्य पूरी तरह से निषेध थे।

जून में 11 और जुलाई में 7 शुभ मुहुर्त

पं. सुशील शास्त्री के अनुसार अधिकमास समाप्त होने के बाद 19 जून से विवाह सहित अन्य मांगलिक कार्य के लिए शुभ मुहूर्त हैं। जून में 11 और जुलाई में कुल 7 शुभू मुहूर्त मांगलिक कार्यक्रमों के लिए हैं। इसमें जून माह में 19, 20, 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 28, 29 जून तक शुभ मुहूर्त हैं। इसके बाद जुलाई माह में 1, 2, 6, 7, 8, 11, 12 जुलाई तक मांगलिक कार्यक्रम होंगे।

बाजार में चहल पहल, खरीदारी में जुटे लोग

इस बार फिर शुभ मुहुर्त व वैवाहिक कार्यक्रम को लेकर बाजार में एक बार फिर से चहल पहल दिखने लगी है। वैवाहिक कार्यक्रमों को लेकर सराफा, कपड़ा, टेंट, केटरिंग, विवाह घरों में रौनक देखने को मिल रही है। इसके साथ ही लोग वाहन खरीदी, गृह प्रवेश सहित अन्य मांगलिक कार्य को लेकर तैयारी में जुट गए हैं।

चातुर्मास में चार माह का ब्रेक

आगामी 25 जुलाई से चातुर्मास प्रारंभ हो रहे हैं। इसके साथ ही आगामी चार माह के लिए मांगलिक कार्यक्र्रमों में फिर से ब्रेक लग जाएगा। पं. सुशील शास्त्री ने बताया कि चातुर्मास में भगवान विष्णु शयन के लिए चले जाएंगे। इस दौरान भगवान शिव देवता होंगे और उन्हीं की पूजा अर्चना होगी। विवाह, मुंडन, कनछेदन सहित अन्य मांगलिक कार्यक्रम पूरी तरह से वर्जित रहेंगे। चार माह बाद देवउठनी एकादशी के साथ ही फिर से यह कार्यक्रम प्रारंभ होंगे। 25 जुलाई के बाद चार माह तक लोग भगवान शिव की आराधना में लीन रहेंगे। इस दौरान कई व्रत व पर्व भी पड़ रहे हैं। श्रावण मास में पूरे एक माह तक भगवान शिव की विधिविधान से पूजा अर्चना की जाएगी। सोमवार के दिन मंदिरो में विशेष भीड़ देखने मिलेगी। महिलाएं व युवतियां भगवान शिवि व मां पार्वती की पूजा अर्चना करेंगी।