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यात्री ट्रेनों पर लग रहा ब्रेक, आगे बढ़ रहे कोयले के रैक

ट्रेनों के रद्द व लेट होने से यात्रियोंं की बढ़ी आफतें एमएसटी व रोजाना सफर करने वाले यात्री भुगत रहे हैं सर्वाधिक खामियाजा

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Brakes looking at passenger trains, rising coal racks

Brakes looking at passenger trains, rising coal racks

शहडोल. संभागीय मुख्यालय के रेलवे स्टेशन में इन दिनों यात्री ट्रेनोंं की बजाय कोयले के रैक ज्यादा आ रहे है और यात्री ट्रेनें या तो रद्द हो रही है या फिर वह काफी विलम्ब से आ रही है। कुछ ट्रेनें तो यात्रियों को आधा-अधूरा सफर ही करा रही है। वर्तमान हालात यहीं बयां कर रहे है कि रेल प्रशासन यात्री टे्रनों पर ब्रेक लगाकर कोयले के रैक को बढ़ाने को महत्व दे रहा है और रेल प्रशासन के जिम्मेदारों का भी यही कहना है कि रेलवे बोर्ड के निर्देशों का अक्षरश: पालन किया जा रहा है। रेल प्रशासन ट्रेनों के रद्द व विलम्ब से रवाना होने की सूचना तो जारी करता है, मगर इस सूचना का इतना प्रचार-प्रसार नहीं हो पाता कि इसकी जानकारी प्रत्येक यात्री को मिल सके। ऐसी दशा में यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यह परेशानी एक-दो माह के लिए हो तो यात्री उसे सह सकते हैं, मगर अब तो रेल प्रशासन यात्रियों की सहनशीलता की हद को पार करता जा रहा है और रेल यात्रियों को एक समस्या से निजात नहीं मिलती और उनके समक्ष रेल प्रशासन दूसरी समस्या खड़ी कर देता है। जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि भविष्य में यात्रियों का आक्रोश कभी भी फूट सकता है, जिसे नियंत्रित करने में रेल प्रशासन के समक्ष मुश्किलें खड़ी हो सकती है। इसलिए बेहतर हो कि टे्रनों को रद्द करने व विलम्ब से रवाना करने के सिलसिले को रेल प्रशासन तत्काल बंद करे।
तीन महीने तक और परेशानी बढ़ी
बताया गया है कि चार जनवरी से 29 मार्च तक प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को कटनी मुड़वाडा-चिरमिरी पैसेंजर रद्द रहेगी। इसी प्रकार पांच जनवरी से 30 मार्च तक प्रत्येक बुधवार एवं शनिवार को चिरमिरी-कटनी मुड़वाडा पैसेंजर रद्द रहेगी। इसी प्रकार पांच जनवरी से 30 मार्च तक प्रत्येक बुधवार एवं शनिवार को बिलासपुर-कटनी-बिलासपुर मेमू का परिचालन बिलासपुर-शहडोल-बिलासपुर के मध्य किया जाएगा। यह गाडी कटनी-शहडोल-कटनी के मध्य रद्द रहेगी। इसी तरह दो जनवरी से 30 मार्च तक प्रत्येक बुधवार एवं शनिवार को अंबिकापुर-शहडोल-अंबिकापुर पैसेंजर का परिचालन अंबिकापुर-अननूपुर-अंबिकापुर के मध्य किया जाएगा। यह गाडी अनूपपुर-शहडोल-अनूपपुर के मध्य रद्द रहेगी। इसके अलावा 30 मार्च तक प्रत्येक बुधवार एवं शनिवार को अंबिकापुर से छूटने वाली अंबिकापुर-जबलपुर एक्सप्रेस तीन घंटे, बिलासपुर से छूटने वाली बिलासपुर-पेंड्रारोड मेमू एक घंटे और पेंड्रारोड से छूटने वाली पेंड्रारोड-बिलासपुर मेमू तीस मिनट देरी से रवाना होगी। साथ ही चिरमिरी से छूटने वाली चिरमिरी-अनूपपुर पैसेंजर चिरमिरी से डेढ़ घंटे देरी से रवाना होगी।
27दिनों तक यह ट्रेनें भी रहेगी रद्द
चाम्पा स्टेशन यार्ड में 27 दिनों तक नवीनीकरण एवं नॉन इंटरलांकिंग का कार्य किया जायेगा। 24 एवं 31 जनवरी को सांतरागाछी से रवाना होने वाली सांतरागाछी-हबीबगंज और 23 एवं 30 जनवरी को हबीबगंज से रवाना होने वाली हबीबगंज-सांतरागाछी साप्ताहिक एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 27 जनवरी को शालीमार से रवाना होने वाली शालीमार-उदयपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस और 25 जनवरी को उदयपुर से रवाना होने वाली उदयपुर-शालीमार साप्ताहिक एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 30 जनवरी को पुरी से रवाना होने वाली पुरी-बीकानेर साप्ताहिक एक्सप्रेस और 27 जनवरी को बीकानेर से रवाना होने वाली बीकानेर-पुरी साप्ताहिक एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 29 जनवरी को भुज से रवाना होने वाली भुज-शालीमार साप्ताहिक एक्सप्रेस और 26 जनवरी को शालीमार से रवाना होने वाली शालीमार-भुज साप्ताहिक एक्सप्रेस रद्द रहेगी। इसी प्रकार 23, 25 एवं 28 जनवरी को हरिद्वार से रवाना होने वाली हरिद्वार-पुरी उत्कल एक्सप्रेस चार घंटे देरी से रवाना होगी। 21 जनवरी से एक फरवरी तक पुरी से रवाना होने वाली पुरी-हरिद्वार उत्कल एक्सप्रेस को टाटानगर एवं झारसुगडा के मध्य दो घंटे नियंत्रित की जाएगी।
अडानी के कोयले के परिवहन को मिल रही प्राथमिकता
पता चला है छत्तीसगढ़ के सूरजपुर अजनी के पास गत १७ मई से शुरू हुई प्रतिष्ठित व्यवसाई अडानी की कोयला परसा खदान से निकलने वाले कोयले के परिवहन के लिए रेल प्रशासन ज्यादा महत्व दे रहा है और इसी वजह से बिलासपुर-कटनी मार्ग के रेल यात्रियों की परेशानियां बढ़ गई है। इस खदान का कोयला राजस्थान विद्युत उत्पादन केन्द्र भेजा जा रहा है। जिसके लिए प्रतिदिन कोयले की दस से पन्द्रह रैक निकाली जा रही है और इसी वजह से यात्री ट्रेनें डिस्टर्ब हो रही है।
कैसे जाऐगे प्रयागराज का कुंभ मेला?
रेल प्रशासन द्वारा यात्री ट्रेनों को जिस प्रकार रद्द और विलम्ब कर रहा है, उससे आदिवासी अंचल के धार्मिक आस्था के लोगों में अब यह प्रश्न उभरने लगा है कि वह आगामी १५ जनवरी से शुरू हो रहे प्रयागराज के कुुंभ मेला में कैसे जा पाएंगे? क्योंकि इसके लिए रेल प्रशासन को स्पेशल ट्रेन चलाने की बजाए ट्रेनों को रद्द और विलम्ब से रवाना कर रहा है। यदि यह सिलसिला कुछ दिनों के लिए होता तब भी ठीक है, मगर यह तो पूरे तीन महीने तक जारी रहेगा। जिससे अधिकांश श्रद्धालुजन कुंभ मेला के लाभ से वंचित रह जाएगे।
जीएम के समक्ष रखेंगे सारे मुद्दे
रेल यात्री संघ के अध्यक्ष सलीम खान ने बताया है कि पूर्व में रेलवे बोर्ड के स्पष्ट निर्देश रहे कि चिरमिरी-कटनी मुड़वारा टे्रन को कभी भी कैंसिल न किया जाए। इसके बाद भी इस ट्रेन को कैंसिल किया जाना आश्चर्यजनक है। वर्तमान में जिन यात्री ट्रेनों को रद्द और विलम्ब से रवाना किया जा रहा है। उन सारी मांगों को लेकर संघ का एक प्रतिनिधि मंडल नौ जनवरी को शहडोल आगमन पर रेल जोन के जीएम से मिलेगा और यात्री ट्रेनों को नियमित चलाने की मांग करेगा।
शहडोल से कटनी नहीं गई मेमू
रेल प्रशासन द्वारा टे्रनों को डिस्टर्ब करने का सिलसिला पांच जनवरी से शुरू हो चुका है। इस दिन जहां एक ओर चिरमिरी-कटनी मुड़वारा शटल और अंबिकापुर-शहडोल ट्रेन नहीं आई। वहीं दूसरी ओर बिलासपुर-कटनी मेमू टे्रन को शहडोल में ही रोक दिया गया। यह ट्रेन शहडोल से कटनी रवाना नहीं हुई। इसके अलावा चार ट्रेनें भी काफी विलम्ब से आई। अंबिकापुर-जबलपुर सवा चार घंटे देरी से दोपहर ढ़ाई बजे आई। चिरमिरी-चंदिया पेसेन्जर सवा घंटे देरी से दोपहर सवा बजे, छपरा-दुर्ग सारनाथ एक्सप्रेस साढ़े पांच घंटे देरी से सुबह पांच बजे और रीवा-चिरमिरी सवा घंटे विलम्ब से सुबह २.२० बजे शहडोल पहुंची।
प्रवचन सुनने में मशगूल रहे सांसद
शहडोल संसदीय क्षेत्र के सांसद ज्ञान सिंह से इस संबंध में जब मोबाइल पर कई बार संपर्क किया गया तो उन्होने शायद मोबाइल अटेण्ड करना मुनासिव नहीं समझा। इसके बाद सांसद प्रतिनिधि कैलाश तिवारी ने बताया कि सांसद महोदय ्रप्रवचन सुन रहे है और जैसे ही वह फुर्सत होंगे, वह आपके मोबाइल पर संपर्क करेंगे।
इनका कहना है
ट्रेनों का रोकना व विलम्ब से रवाना करना जोन के जीएम या मंंडल के डीआरएम के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। यह सब रेलवे बोर्ड के निर्देशानुसार हो रहा है। यह सिलसिला कब तक चलेगा, अभी कह पाना मुश्किल है। फिलहाल कोयले की रैक को ज्यादा से ज्यादा निकालने के हमें निर्देश है।
रामजीलाल मीणा, पीआरओ, दपूमरे जोन बिलासपुर