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योजनाएं और आंकड़े बाजी तो अच्छी हैं जमीन पर उतरे तो बात बने

जानिए बजट पर किसान नेता की राय

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Budjet 2018- Plans and statistics are good, if you land

योजनाएं और आंकड़े बाजी तो अच्छी है जमीन पर उतरे तो बात बने
जानिए बजट पर किसान नेता की राय

शहडोल। केन्द्रीय मंत्री अरुण जेटली के वर्ष 2018-19 में प्रस्तुत बजट को किसान नेता भानू प्रताप सिंह ने महज आंकड़े बाजी करार देते हुये सरकार की नीतियों व प्रारंभ की गई योजनाओं पर सवाल खड़ा किया है। श्री सिंह का कहना है कि बजट में घोषणाएं तो कई की गई हैं पर इनका जमीनी स्तर पर कियान्वयन हो तभी किसानों को लाभ होगा नही तो ऐसे वायदे तो कई वर्ष से किये जा रहे हैं। फिर चाहे वह भावांतर योजना हो या फिर फसल बीमा योजना सभी का क्या हाल हुआ है यह किसी से छिपा नही है। बजट से संभाग के लगभग साढ़े तीन लाख किसानों को मिलने वाले लाभ को लेकर श्री सिंह ने स्पष्ट किया कि किसानों को उनकी फसल की समुचित कीमत मिलने लगे तभी तो इस बजट का मतलब है और किसानों का विकास भी इसी पर संभव है। बजट में किसानों के लिये सरकार ने २०२२ तक किसानों की आय दो गुनी करने की बात पर जोर दिया है।

क्या दिया है बजट में ?
- एग्रीकल्चर एलाइड सेक्टर के लिये ६३८३६ करोड़ खर्च करेगी सरकार।
- इस बार कृषि लोन के लिए 11 लाख करोड़ का लक्ष्य।
- 2000 करोड़ से कृषि बाजार और संरचना कोष की स्थापना की जाएगी।
- मौजूदा 22 हजार रूरल हाट को एग्रीकल्चर मार्केट के रूप में बदला जाएगा और इन्हें इलेक्ट्रॉनिक तरीके से ई नैम से जोड़ा जाएगा।
- छोटे किसान भी अपनी उपज सीधे कंज्यूमर या व्यापारी को बेच सकेंगे।
- खेतीबाड़ी के विकास के लिए ऑपरेशन ग्रीन शुरू किया जाएगा और उसके लिए 500 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- सरकार का मकसद एग्री एक्सपोर्ट को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का है।
- 1290 करोड़ रुपए से राष्ट्रीय बांस मिशन बनाने का प्रस्ताव।
- 2000 करोड़ से कृषि बाजार और संरचना कोष की स्थापना की जाएगी।