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देशभर में इस डॉक्टर की चर्चा: आंगन में खाना खाते देख छलक जाती हैं मां की आंखें, बेटा पूछता है- मैं क्यों नहीं मिल सकता

कोरोना नोडल अधिकारी की कहानी, कहा- कोरोना की जंग में ड्यूटी कर खुद और विभाग पर होता है गर्व

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देशभर में इस डॉक्टर की चर्चा: आंगन में खाना खाते देख छलक जाती हैं मां की आंखें, बेटा पूछता है- मैं क्यों नहीं मिल सकता

शहडोल। घर के बाहर खाना खाते देख मां की आंखें छलक जाती हैं। बेटा बाहर से आया हुआ है, पूछता है कि मैं क्यों नहीं पापा से मिल पाता हूं। मैं क्यों नहीं पापा के पास जा सकता हूं। घर पहुंचते ही खुद को आइसोलेट कर लेता हूं। घर वाले पहले दुखी होते हैं लेकिन बाद में वे ही हिम्मत देते हैं। ये कहानी है शहडोल के कोरोना नोडल अधिकारी डॉ गंगेश टांडिया की। डॉ टांडिया कहते हैं, पत्नी खुद चिकित्सा सेवाओं से जुड़ी है। वह पूरे परिवार का ढांढ़स बंधाती है। कोरोना के खिलाफ इस जंग में भाई, परिजन और अधिकारी हर कोई साथ देते हैं। मुझे स्वास्थ्य सेवाओं पर गर्व है। हर कोई अपनी भूमिका निभा रहा है। कोरोना को मात देना हम सबकी जिम्मेदारी है। अभी संघर्ष है। इस बीच कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ सोशल डिस्टेंसिंग को फॉलो कर लिए तो निश्चित ही हमारी जीत होगी। नोडल अधिकारी डॉ गंगेश कहते हैं, सुरक्षा लहजे से घर जाते ही मैं खुद को आइसोलेट कर लेता हूं। ये हर किसी को अपनाना चाहिए।


बड़ी जिम्मेदारी है, अभी पीछे हट गया तो हार जाउंगा
नोडल अधिकारी डॉ गंगेश टांडिया के पास कोरोना विंग की जिम्मेदारी के अलावा दूसरे प्रांतों से आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग का भी जिम्मा है। कई बार रात में भी सूचना आने पर जांच के लिए दूर दराज के गांव पहुंच जाते हैं। कई बार परिजन और दोस्त नौकरी छोडऩे तक के लिए कह देते हैं। इस बीच डॉ गंगेश का जवाब होता है कि अभी बड़ी जिम्मेदारी मिली है। कोरोना को मात देने हम डॉक्टर ही पीछे हट गए तो जनता के साथ कौन होगा। गंगेश कहते हैं टीम के पूरे साथी मदद करते हैं। अधिकारी भी लगातार मॉनिटरिंग करते हैं। घर वाले भी पूरा सहयोग करते हैं। हर दिन ५० से ज्यादा मरीजों की जांच के बाद जब घर पहुंचते हैं तो कुछ घंटे ही यहां बिता पाते हैं। ये वक्त भी खुद को आइसोलेट करने में निकल जाता है। फिर दूसरे दिन ड्यूटी पर पहुंच जाता हूं।


इस तरह रखें सोशल डिस्टेंसिंग
- नियमित रूप से बाहर आने जाने के बाद हाथ धुलाई करना।
- लोगों से हाथ मिलाने से बचें। कम से कम संपर्क पर रहें।
- आपस में और भीड़-भाड़ वाली जगह में ६ फुट की दूरी बनाकर रखना।
- सार्वजनिक जगहों पर श्वसन, शिष्टाचार का पालन करना।
- जब तक जरूरी न हो, घर से बाहर न निकलते हुए सोशल डिस्टेंसिंग फॉलो करना।
- सार्वजनिक जगहों पर जाने से पहले मास्क का उपयोग करें। आते ही हाथ धुलाई करें।
- खांसते छींकते वक्त मुंह धंकें और जानवरों से दूर रहते हुए कुछ भी सीधे अंगुलियों से छूने से बचें।