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डोनर होने के बाद भी ब्लड बैंक से रक्त देने में चार घंटे लगाए, युवक की मौत

एनीमिया और बुखार से पीडि़त था युवक, परिजनों ने प्रबंधन पर लगाए लापरवाही के आरोप

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एनीमिया और बुखार से पीडि़त था युवक, परिजनों ने प्रबंधन पर लगाए लापरवाही के आरोप
शहडोल. जिला चिकित्सालय में गुुरुवार की दोपहर उपचार के दौरान एक युवक की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। मृतक के परिजनों ने बताया कि राहुल मौर्य पिता टमन पनिका 20 वर्ष निवासी धौनहा गोहपारू को तेज बुखार होने पर बुधवार की रात 8 बजे जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों ने जांच के बाद शरीर में 3.7 ग्राम ब्लड होना बताया। गुरुवार की सुबह 10 से 2 बजे तक परिजन जिला चिकित्सालय के ब्लड बैंक चक्कर काटते रहे, लेकिन कर्मचारियों ने ब्लड नहीं दिया, वहीं दोपहर 2 बजे युवक ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने समय पर ब्लड उपलब्ध न होने से युवक की मौत को लेकर कार्रवाई मांग करते रहे। मामला बिगड़ते देख कोतवाली पुलिस भी अस्पताल पहुंची। परिजन प्रबंधन से मुलाकात करने की जिद में अड़े रहे। शाम करीब 5 बजे सविल सर्जन के आने के बाद परिजन शव लेकर रवाना हुए।

मुंबई में करता था काम त्योहार में घर आया था

मृतक की बहन सरगम पनिका ने कहा कि भाई मुंबई में काम करता था और त्योहार में घर आया था। 2-3 दिन से बुखार से पीडि़त था। परिजनों ने गोहपारू में किसी चिकित्सक को दिखया था, जहां से जिला चिकित्सालय भेजा गया था। बहन ने कहा हम अच्छे उपचार की उम्मीद से लेकर जिला चिकित्सालय आए थे, हमें नहीं पता था कि लापरवाही से भाई की जान चली जाएगी।

परिजनों का आरोप, समय पर नहीं दिया ब्लड

मृतक के परिजन भोलाराम ने बताया कि मरीज का ब्लड ग्रुप ए पॉजिटव था, वह सुबह से ब्लड के लिए परेशान थे। इसके लिए वह चार डोनर भी गांव से बुला लिए थे, इसके बाद भी बैंक में तैनात कर्मचारियों ने न तो समय पर ब्लड दिया और न ही डोनर का ब्लड लिया। जबकि ब्लड बैंक में ब्लड उपलब्ध होना भी बताया गया। परिजनों ने कहा कि हर बार पूछे जाने पर आधे घंटे का समय बताते थे, ऐसा करते करते चार घंटे बर्बाद कर दिए और ब्लड भी नहीं दिए।

महिला चिकित्सक ने की अभद्रता

युवक की मौत होने के बाद परिजन शव बाहर रखकर कार्रवाई की मांग कर रहे थे, इसी दौरान कैजुअल्टी में तैनात महिला चिकित्सक ने परिजनों को समझाने की बजाए अभद्रता कर दी, जिससे परिजन आक्रोशित हो गए बाद में पुलिस की समझाइश के बाद मामला शांत हुआ।

दलील: बैंक में 150 यूनिट रक्त उपलब्ध

सिविल सर्जन डॉ. शिल्पी सराफ ने मृतक के परिजनों से बातचीत करते हुए कहा कि बैंक में 150 यूनिट ब्लड उपलब्ध है, इसके बाद भी समय पर क्यों नहीं दिया गया। इसकी जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा उसपर कार्रवाई की जाएगी।