
गांवों की चौपाल और शहर के चौराहों में होने लगी चर्चा ,दस साल पहले की फिर याद ताजा करा रही बिजली
शहडोल। जिले के गामीण आंचलों में दस साल बाद फिर किसानों को बिजली रुलाने लगी है। ग्रामीण क्षेत्रों में बार-बार विजली ट्रिप होने से जहां इलेक्ट्रानिक उपकरण खराब हो रहे है वही वर्तमान में किसानों की गेंहू की फसल खलिहान में पड़ी बर्वाद हो रही है। किसानों को थे्रसर से गेंहू की गहाई के लिए बराबर बिजली ही नहीं मिल रही है। विजली की आंख मिचौली से क्षेत्र के किसाना परेशान है। जबकि इसी महीने लोक सभा चुनाव होने है। इसके बाद भी किसानों की समस्या से अधिकारी और नेता बेखबर बने हुए है।
पिछले चार -पांच वर्षो से विजली समस्या से किसानो को बहुत राहत मिल गई थी। प्रदेश सरकार की २४ घंटे विजली देने की घोषण के अमल पर विजली से चलने वाले छोटे-छोटे उद्योग व व्यवसाय को बढ़ावा मिला था। अस्पताल व अन्य जगहों पर सामान्य काम काज होने लगा था। लेकिन वर्तमान में विजली सप्लाई फिर पटरी से उतरने लगी है। पिछले एक महीने से विजली के आवा -जाही से सभी वर्ग परेशान है। विजली के इस आवा-जाही से शहरी क्षेत्र भी अछूता नहीं रह गया है। वर्तमान विजली इंतजाम से विभाग की हर जगह किरकिरी हो रही है। विजली जाने पर हर जगह पुरानी दस साल पहले की विजली समस्या की चर्चा शुरू हो जाती है।
विजली के बार-बार आने-जाने से सबसे अधिक आफत खेती किसानी पर पड़ रही है। इन दिनों गावों में गेंहू की कटाई और गहाई का काम चल रहा है। जिसमे समय पर गहाई के लिए विजली रोड़ा बन रही है। विजली पर्याप्त न मिलने से कुछ किसान ट्रैक्टर से गहाई करा रहे है। जिसके बदले में किसानों को अधिक पैसा खर्च करना पड़ रहा है। गर्मी में खेत खाली हो जाने से कुछ किसान सब्जी भांजी की खेती कर रहे है। जिसकी सिंचाई के लिए भरपूर विजली नहीं मिल रही है। जिससे सब्जी भाजी खेत में ही सूखने की कगार में है। इतना ही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्तर नीचे चले जाने से कुआ सूख गए है। कुछ हैण्ड पम्पों से भी पानी नहीं निकल रहा है। जिसके चलते अधिकांश किसान बोर उत्खनन करा कर पानी की जरुरत पूरी कर रहे है। लेकिन विजली न होने से बोर में फिट मोटर भी नहीं चल रहे है।
Published on:
14 Apr 2019 08:49 pm
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